अकाली नेता और दिल्ली के पूर्व MLA मनजिंदर सिंह सिरसा BJP में हुए शामिल, पंजाब विधानसभा चुनाव में मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

भाजपा के पंजाब प्रभारी गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि सिरसा को पार्टी में शामिल होने से निश्चित रूप से राज्य में होने वाले चुनाव में मदद मिलेगी।

sirsa joins bjp, akali dal, bjp punjab, punjab election मनजिंदर सिंह सिरसा बीजेपी में शामिल (फोटो- @JPNadda)

पंजाब चुनाव से पहले अपने पूर्व सहयोगी अकाली दल को बीजेपी ने बड़ा झटका दे दिया है। दिल्ली में अकाली दल के प्रमुख चेहरों में से एक मनजिंदर सिंह सिरसा ने बुधवार को बीजेपी का दामन थाम लिया है। इन्हें पंजाब चुनाव में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और पंजाब प्रभारी गजेन्द्र सिंह शेखावत की उपस्थिति में सिरसा ने बीजेपी का दामन थाम लिया। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सिरसा के भाजपा में शामिल होने के बाद बताया कि सिरसा ने भाजपा में शामिल होने से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की थी।

उन्होंने कहा, “सिरसा लंबे समय से हमारे साथ काम कर रहे हैं। सिरसा अब तक डीएसजीएमसी प्रमुख थे, लेकिन उन्होंने अब उससे इस्तीफा दे दिया है। सिरसा ने शामिल होने से ठीक पहले अमित शाह और जेपी नड्डा से मुलाकात की है।”

भाजपा के पंजाब प्रभारी गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि सिरसा को पार्टी में शामिल होने से निश्चित रूप से राज्य में होने वाले चुनाव में मदद मिलेगी। भाजपा में शामिल होने के बाद सिरसा ने बीजेपी नेतृत्व को धन्यवाद दिया और कहा कि उन्होंने दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समित के साथ काम किया है और दुनिया भर के लोगों की मदद की है।

उन्होंने कहा- “अकाली दल लंबे समय से भाजपा के साथ था। हमने एक साथ सिखों के मुद्दे पर लड़ाई लड़ी। अब पूरे देश में सिखों से संबंधित कई मुद्दे हैं। मैंने हमेशा सिख समुदाय के लिए मुद्दा उठाया है।”

इससे पहले दिन अकाली नेता ने ट्विटर पर डीएसजीएमसी अध्यक्ष के पद से अपने इस्तीफे की घोषणा की थी। अपना इस्तीफा शेयर करते हुए सिरसा ने कहा कि वह दिल्ली सिख निकाय के आगामी आंतरिक चुनाव नहीं लड़ेंगे। सिरसा दिल्ली में अकाली दल के एक प्रमुख चेहरा रहे हैं और तीन विवादास्पद कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन के विरोध में लगातार बोलते रहे हैं। जबकि उनकी पार्टी इन्हीं कानूनों को लेकर बीजेपी से नाता तोड़ चुकी थी।