अगर इस साल नहीं भरेंगे आईटीआर तो कितना चुकाना होगा फाइन, जानिए यहां

मौजूदा असेसमेंट ईयर की शुरुआत में देर से आईटीआर दाखिल करने के लिए अधिकतम जुर्माना 5,000 रुपए तक सीमित कर दिया गया है। यदि आपकी टैक्‍सेबल इनकम 5 लाख रुपए की छूट सीमा से कम है, तो आप 1,000 रुपए लेट फाइन का भुगतान कर दिया जाएगा।

Income Tax return, ITR आयकर विभाग को आईटीआर लेट भरने पर ब्‍याज का भुगतान करना होता है। (Indian Express Archive)

प्रत्येक वर्ष इनकम टैक्‍स का भुगतान करना टैक्‍सपेयर्स की लीगल ड्यूटी है। यदि कोई टैक्‍सपेयर्स किसी निर्धारि‍त वर्ष की अनिवार्य समय सीमा के भीतर आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने में विफल रहता है, तो उन्‍हें पेनाल्‍टी का भुगतान करना पड़ता है। आईटीआर फाइलिंग की समय सीमा चूक जाने पर कई तर‍ह के दंड का प्रावधान किया गया है।

देर से आईटीआर फाइलिंग पर लगता है जुर्माना
वित्त वर्ष 2020-21 के लिए केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड यानी सीबीडीटी ने आईटीआर दाखिल करने की लास्‍ट डेट इस साल 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया है। इस तारीख के बाद आईटीआर दाखिल करने पर 5,000 रुपए का जुर्माना लगेगा। पिछले वर्ष तक देर से दाखिल करने पर अधिकतम जुर्माना 10,000 रुपए था, जिसे इस असेसमेंट ईयर की शुरुआत में घटाकर अधिकतम 5,000 रुपए कर दिया गया है।

पिछले साल तक, 1 अगस्त से 31 दिसंबर के बीच लेट आईटीआर दाखिल करने पर 5,000 रुपए का जुर्माना लगता था, जबकि 31 दिसंबर के बाद लेकिन 31 मार्च से पहले दाखिल किए गए रिटर्न में 10,000 रुपए का अधिक जुर्माना लगता था। मौजूदा असेसमेंट ईयर की शुरुआत में, देर से दाखिल करने के लिए अधिकतम जुर्माना 5,000 रुपए तक सीमित कर दिया गया है। अगर आपकी टैक्‍सेबल इनकम 5 लाख रुपए की छूट सीमा से कम है, तो आपको 1,000 रुपए का लेट फाइन देना होगा।

बकाया टैक्‍स पर ब्याज जुर्माना
आईटी अधिनियम की धारा 234ए के तहत, 1 लाख रुपए से अधिक की बकाया टैक्‍स कर देनदारी वाले टैक्‍सपेयर्स को बकाया टैक्‍स राशि पर 1 फीसदी का मासिक ब्याज जुर्माना लगाया जाता है, जब तक कि वह अपना विलंबित आईटीआर दाखिल नहीं कर देता। इस राशि की गणना एडवांस टैक्‍स, टीडीएस और धारा 89 से 90ए आदि के तहत पहले से भुगतान किए गए राहत के क्‍लेम को कम करने के बाद की जाती है।

भले ही पिछले वित्त वर्ष के लिए आईटीआर दाखिल करने की तारीख 31 दिसंबर 2021 तक बढ़ा दी गई हो, लेकिन यह ब्याज जुर्माना 31 जुलाई की मूल नियत तारीख से डिफॉल्टर्स पर लगाया जाएगा। इसका मतलब है कि 1 सितंबर से 31 दिसंबर के बीच आईटीआर फाइल करने पर 5,000 रुपए की लेट फाइलिंग फीस नहीं लगेगी, लेकिन आपको पेंडिंग टैक्स देनदारी पर ब्याज देना होगा। सरकार ने इस जुर्माने से 1 लाख से कम टैक्‍स देने वाले छोटे टैक्‍सपेयर्स को माफ कर दिया है।