अगर कोई तालिबानी पिन हटा कर जयशंकर या डोभाल की ओर ग्रेनेड फेंकेगा तो वो पहले देखेंगे कि वह फटता है या नहीं- केंद्र की अफगान नीति पर भाजपा सांसद का तंज

पिछले दिनों भी सुब्रमण्यम स्वामी ने अफ़ग़ानिस्तान के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा था कि भारत सरकार को अमरुल्लाह सालेह और मसूद के बेटे की अगुवाई वाले स्वतंत्र अफगानिस्तान पर विचार करना चाहिए।

भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने अफगान मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि सभी विदेश मंत्रालय और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सिर्फ निगरानी, ​​जांच और प्रतीक्षा ही करते हैं। (फोटो – एपी)

विदेश मामलों को लेकर अपनी ही सरकार को घेरने वाले भाजपा से राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने एक बार फिर से केंद्र सरकार की अफगान नीति पर तंज कसा है। भाजपा सांसद ने तंज कसते हुए कहा है कि अगर कोई अगर कोई तालिबानी पिन हटा कर विदेश मंत्री जयशंकर या राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डोभाल की ओर ग्रेनेड फेंकेगा तो वो पहले देखेंगे कि वह फटता है या नहीं। 

दरअसल शनिवार को ट्विटर हैंडल @ArtiSharma001 ने अफगानिस्तान मुद्दे से जुड़ी एक खबर ट्विटर पर शेयर की। अपने ट्वीट में उन्होंने भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी को टैग करते करते हुए लिखा कि भारत अनस और खलील अल-रहमान हक्कानी नेटवर्क की निगरानी कर रहा है। ट्विटर यूजर के इस ट्वीट पर जवाब देते हुए भाजपा सांसद ने विदेश मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार दोनों को निशाने पर ले लिया।

भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने यूजर के ट्वीट के जवाब में लिखा कि सभी विदेश मंत्रालय और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अफगानिस्तान में  हो रहे घटनाक्रमों की सिर्फ निगरानी, ​​जांच और प्रतीक्षा ही करते हैं। यदि कोई तालिबान आतंकवादी विदेश मंत्री एस जयशंकर या राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के ऊपर हेंड ग्रेनेड भी फेंक देगा तो वे पहले इंतजार करेंगे और देखेंगे कि वह फटता है या नहीं।

सुब्रमण्यम स्वामी के इस ट्वीट पर कई ट्विटर यूजर्स की प्रतिक्रिया भी देखने को मिली। @GurudathShettyK ने लिखा कि मुझे लगता है कि उनके कैलेंडर में केवल अप्रैल महीना ही 12 बार आता है इसलिए दोनों सोच रहे होंगे कि तालिबान उनके साथ ‘अप्रैल फूल’ वाला मजाक कर रहा है। वहीं @navinkhaware ने स्वामी के ट्वीट पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कृपया विदेश मंत्रालय और एनएसए का सम्मान करें। मुझे लगता है कि इस बार आपने इन दोनों लोगों की आलोचना कर ठीक नहीं किया है क्योंकि एनएसए के रूप में अजीत डोभाल ने अच्छा काम किया है। इसके अलावा @ss_aarthi में भी लिखा कि आप आराम करो, आपके जुमले को कोई नहीं सुन रहा है। 

पिछले दिनों भी सुब्रमण्यम स्वामी ने अफ़ग़ानिस्तान के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा था कि भारत सरकार को अमरुल्लाह सालेह और मसूद के बेटे की अगुवाई वाले स्वतंत्र अफगानिस्तान पर विचार करना चाहिए। इस मुद्दे पर चुप रहकर मोदी केवल पाकिस्तान और तालिबान का हौसला बढ़ाएंगे।