अगली सरकार किसकी होनी चाहिए? सवाल पर राकेश टिकैत ने दिया ऐसा जवाब, हंस पड़े आसपास मौजूद लोग

राकेश टिकैत से रिपोर्टर ने पूछा कि क्या भाकियू चुनाव लड़ेगी, इसपर किसान नेता ने साफ किया कि चुनाव से उनका कोई लेना-देना नहीं है।

Rakesh Rikait News, Rakesh Tikait Photo, Rakesh Tikait PTI किसान नेता राकेश टिकैत (फोटो सोर्स – पीटीआई)

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के दिन जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, प्रदेश में सियासी हलचलें भी तेज होती चली जा रही हैं। भाजपा, सपा, कांग्रेस व बसपा, चुनाव के लिए लगातार एड़ी से चोटी का जोर लगाती हुई दिखाई दे रही हैं। इस साल चुनाव में किसानों का मुद्दा भी खूब गर्माया हुआ है, साथ ही किसान नेता राकेश टिकैत भी खूब सक्रिय नजर आ रहे हैं। हालांकि उन्होंने पहले ही साफ कर दिया था कि वह चुनाव नहीं लड़ेंगे। कुछ दिनों पहले वह लखीमपुर खीरी पहुंचे थे, जहां उन्होंने ‘यूपी तक’ को इंटरव्यू दिया। इंटरव्यू में भाकियू नेता से यूपी विधानसभा चुनाव के संबंध में खूब सवाल-जवाब किये गए।

इंटरव्यू में किसान नेता राकेश टिकैत से पूछा गया कि 2022 का चुनाव सिर पर है, इसके क्या मायने हो सकते हैं? इस सवाल का जवाब देते हुए किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा, “13 महीने का दिल्ली में लोगों का आंदोलन चला। इनकी सबकी ट्रेनिंग होकर आई है तो अब भी अगर बताना पड़ा कि वोट कहां देना है तो फिर तो हमारी ट्रेनिंग ही कच्ची है। इन्हें सब पता है कि क्या करना है?”

किसान नेता राकेश टिकैत से आगे सवाल किया गया कि 2022 के चुनाव में उनका क्या फैसला रहेगा, क्योंकि वह भी एक वोटर हैं? इसपर राकेश टिकैत ने कहा, “ये कर लेंगे फैसला अपने आप, जनता तो होशियार है।” सीएम योगी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव का नाम लेने पर किसान नेता ने कहा, “क्या पता कौन होगा। जो भी आए, वो अपना काम करे, किसान, गरीब, आदिवासी, सबका काम करे।”

इंटरव्यू के बीच ही किसान नेता राकेश टिकैत से पूछा गया, “अगली सरकार किसकी होनी चाहिए?” इस बात का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, “क्या पता किसकी होनी चाहिए? कोई भी आ जाओ, जो भी सरकार जनता के खिलाफ फैसला करेगी, हम उसके खिलाफ रहेंगे।” इसके अलावा किसान नेता से उनकी पार्टी द्वारा चुनाव लड़ने पर भी सवाल किया गया।

राकेश टिकैत से पूछा गया कि क्या भारतीय किसान यूनियन इस बार चुनाव लड़ेगी? इस बात पर किसान नेता ने कहा, “हम चुनाव नहीं लड़ रहे हैं और न ही हमारा कोई भी मतलब है।” बता दें कि कई किसान संगठनों ने 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में उतरने का फैसला किया है। इस बात पर राकेश टिकैत का कहना था कि वे चार महीने की छुट्टी पर हैं, ऐसे में उनका जो मन आए वो कर सकते हैं।