अजय मिश्रा की दो टूक- अगर साबित हुआ कि मेरा बेटा वहां था मौजूद, पद से दे दूंगा इस्तीफा

अजय मिश्रा लखीमपुर खीरी के गांव है बनवीर पुर के रहने वाले हैं। वह फिलहाल गृह राज्य मंत्री हैं। खीरी में वह महाराज या टेनी के नाम से चर्चित हैं। वह खुद दबंग नेता माने जाते हैं। उनका नाम प्रभात गुप्ता मर्डर केस में सामने आ चुका है।

lakhimpur khiri, farmers protest, rakesh tikait लखीमपुर खीरी हिंसा में घायल किसान (Photo-Srinivas BV/Twitter)

लखीमपुर खीरी मामले पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा का कहना है कि उनके बेटे आशीष पर लगाए जा रहे बे सिर पैर के हैं। वह मौके पर मौजूद नहीं था। अजय मिश्रा ने कहा कि अगर यह बात साबित हो गई कि उनका बेटा वहां था तो वह अपने पद से खुद इस्तीफा दे देंगे। किसी को उन्हें त्यागपत्र देने के लिए कहना नहीं पड़ेगा। लेकिन पहले साबित तो करो।

यूपी तक के मुताबिक अजय मिश्रा ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने उनके दो कार्यकर्ताओं और एक ड्राइवर को पीट-पीटकर मार डाला। उनके पास वीडियो फुटेज है, जिससे साफ पता चल रहा है कि घटनास्थल पर आखिर हुआ क्या था? अजय मिश्रा लखीमपुरखीरी से बीजेपी सांसद हैं। उनका यह भी कहना था कि उनका बेटा मौके पर होता तो जिंदा नहीं निकलता। किसान प्रदर्शनकारियों ने उनके लोगों को मारा है। मंत्री ने कहा कि सड़क पर मौजूद प्रदर्शनकारियों के कारण कार असंतुलित हो गई थी।

गौरतलब है कि लखीमपुर के तिकुनिया गांव में हुई हिंसा और आगजनी में अब तक आठ लोगों की मौत हो गई है। इनमें चार किसान और चार अन्य लोग शामिल हैं। चार अन्य लोगों में दो बीजेपी कार्यकर्ता और दो ड्राइवर हैं। इनके अलावा 12 से 15 लोग घायल भी हैं।

लखीमपुर में हिंसक झड़प के दौरान किसानों की मौत को लेकर केंद्रीय गृह राज्‍य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा समेत 14 लोगों के खिलाफ हत्‍या, आपराधिक साजिश और बलवा सहित कई धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। यह केस बहराइच नानपारा के जगजीत सिंह की शिकायत पर दर्ज किया गया। लखीमपुर में 3 अक्टूबर को 8 लोगों की मौत हो गई थी। चार किसान प्रदर्शनकारियों की मौत कार के नीचे आने से हुई जबकि उसके बाद भड़की हिंसा में चार लोग मारे गए।

अजय मिश्रा लखीमपुर खीरी के गांव है बनवीर पुर के रहने वाले हैं। वह फिलहाल गृह राज्य मंत्री हैं। खीरी में वह महाराज या टेनी के नाम से चर्चित हैं। वह खुद दबंग नेता माने जाते हैं। उनका नाम प्रभात गुप्ता मर्डर केस में सामने आ चुका है। प्रभात तिकुनिया गांव का रहने वाला था। 2003 में उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अजय मिश्रा इस हत्याकांड में नामजद थे, लेकिन बाद में उन्हें आरोपमुक्त कर दिया गया।
इस मामले की सुनवाई के दौरान ही टेनी पर कोर्ट परिसर में हमला भी हुआ था। उन पर सरेआम गोलियां चली थीं।