अपने नेता साथ नहीं, चले हैं विपक्षी पार्टियों को एक करने- सोनिया गांधी का नाम लेकर फिल्ममेकर ने मारा ताना

सोनिया गांधी ने शुक्रवार को 19 विपक्षी दल के नेताओं के साथ मीटिंग की। इसी बात को लेकर बॉलीवुड फिल्ममेकर अशोक पंडित ने निशाना साधा है।

sonia gandhi, ashoke pandit, narendra modi government सोनिया गांधी ने शुक्रवार को विपक्षी नेताओं के साथ मीटिंग की (File Photo)

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शुक्रवार को 19 विपक्षी दलों के नेताओं के साथ मीटिंग की। मीटिंग में उन्होंने टीएमसी, एनसीपी, शिवसेना, डीएमके, आरजेडी, सीपीआई आदि दलों के नेताओं से अपील की कि आप बीजेपी सरकार के खिलाफ़ एकजुट हों। इससे कुछ समय पहले ही कांग्रेस में असंतुष्ट चल रहे नेता कपिल सिब्बल ने विपक्षी दलों के नेताओं को अपने घर आमंत्रित किया था। इसी घटनाक्रम पर बॉलीवुड फिल्ममेकर अशोक पंडित ने निशाना साधा है।

उन्होंने कहा है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तो कांग्रेस के साथ नहीं हैं लेकिन सोनिया गांधी विपक्ष को एकजुट करने की कोशिश में हैं। अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से किए गए एक ट्वीट में अशोक पंडित ने लिखा, ‘सोनिया गांधी, जो कांग्रेस में वरिष्ठ नेताओं को एक साथ रखने में विफल रहीं, विपक्षी दलों को एक जुट करके की कोशिश कर रहीं हैं। कैसी विडंबना है।’

कपिल सिब्बल, गुलाम नबी आजाद जैसे नेता कांग्रेस में कुछ समय से नाराज़ चल रहे हैं। इन नेताओं को जी- 23 नाम दिया गया है। दरअसल 23 कांग्रेस नेताओं ने अगस्त 2020 में सोनिया गांधी को एक चिट्ठी लिखकर पार्टी के भीतर संगठनात्मक बदलाव की बात कही थी। इस चिट्ठी को कांग्रेस के कई नेताओं द्वारा गांधी परिवार को चुनौती के रूप में लिया गया। चिट्ठी लिखने वालों में गुलाम नबी आजाद, कपिल सिब्बल, शशि थरूर, मनीष तिवारी जैसे वरिष्ठ नेता शामिल थे।

बहरहाल, सोनिया गांधी के मीटिंग की बात करें तो, लोकसभा चुनाव 2024 में नरेंद्र मोदी सरकार के विरुद्ध सभी दलों से एकजुट होने का आह्वान करते हुए सोनिया गांधी ने कहा, ‘मुझे भरोसा है कि विपक्षी एकजुटता संसद के आगे के सत्रों में भी बनी रहेगी। लेकिन व्यापक राजनीतिक लड़ाई संसद के बाहर लड़ी जानी है।’

इस बैठक में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने हिस्सा नहीं लिया। वहीं आम आदमी पार्टी भी सोनिया गांधी की इस मीटिंग से नदारद रही। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी को मीटिंग के लिए नहीं बुलाया गया था।