अफगानिस्तान में नहीं होगा लोकतंत्र, शरिया कानून से चलेगी सरकार, बोला तालिबान

तालिबान के शीर्ष नेता ने स्पष्ट कहा है कि अफगानिस्तान में लोकतांत्रिक व्यवस्था नहीं होगी। उसका कहना हैकि वहां की सरकार अब शरिया कानून के हिसाब से चलेगी।

Taliban, Hindu - Muslim अफगानिस्तान में 20 साल बाद फिर से तालिबान का कब्जा हो गया है। (Photo Source – Reuters)

अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद अब यहां सरकार बनाने की बात चलने लगी है। इसको लेकर बुधवार को तालिबानियों ने पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई से भी मुलाकात की। तालिबान ने सियासी पकड़ बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं देश छोड़कर भागे अशरफ गनी यूएई की शरण में हैं। अब बयान जारी करके वह अफगानिस्तान लौटने की बात कर रहे हैं और बता रहे हैं कि वह सरकारी धन लेकर नहीं भागे थे।

बात करें तालिबान में नई सरकार की तो उसने खुलकर कह दिया है कि यहां कोई भी लोकतांत्रिक प्रणाली नहीं चलने वाली। बताया जा रहा है कि तालिबान की सत्ता एक काउंसिल को सौंपी जा सकती है जिसके प्रमुख हैबतुल्लाह अखुंदजादा होंगे। शीर्ष तालिबानी नेताओं में शामिल वहीदुल्लाह हाशिमी ने कहा, अभी यह फैसला तो नहीं हुआ है कि सरकार का ढांचा क्या होगा लेकिन यह स्पष्ट है कि लोकतंत्र नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इस देश में लोकतंत्रा का कोई आधार नहीं रहा है।

बता दें कि तालिबान ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि वह लोगों के साथ नरम रुख अख़्तियार करेगा। उसने यह भी कहा था कि महिलाओं के साथ ज्यादती नहीं की जाएगी बस उन्हें इस्लाम के नियमों का पालन करना होगा। इस बार तालिबान अपनी छवि बदलने में लगा हुआ है। हालांकि यह केवल काबुल तक ही सीमित है। यह बात भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने भी कही है। उनका कहना है कि विश्वस्त सूत्रों से पता चला है, तालिबान प्रांतों में अपने खूंखार नेताओं को सत्ता की कमान देने वाला है जो कि अफगानी जनताको प्रताड़ित करेंगे। वहीं काबुल में नरमी दिखाकर तालिबान दुनिया को मूर्ख बनाने की कोशिश कर रहा है।

काबुल एयरपोर्ट पर गिड़गिड़ाती रहीं अफगानी महिलाएं
तालिबान से खौफ का अंदाजा तो काबुल एयरपोर्ट पर हुई भागमभाग और लोगों को मौत से लगाया ही जा सकता है। एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें काबुल एयरपोर्ट पर महिलाएं अमेरिकी सेना के सामने ज़िंदगी बचाने और तालिबाने से सुरक्षा देने की गुहार लगा रही हैं। तालिबानियों का जो पुराना रेकॉर्ड रहा है उसको देखते हुए महिलाएं ज्यादा डरी हुई हैं। ऐसे में वे देश छोड़ना चाहती हैं।