अफगानिस्तान से ज्यादा भारत में चल रहा तालिबान, मुनव्वर राणा नहीं मुसलमानों के नेता, बोले कांग्रेसी आचार्य, भाजपा प्रवक्ता ने दिया जवाब

प्रमोद कृष्णम कहने लगे कि हमारे धर्म ग्रंथ सिखाते हैं कि शरण मांगने वाले को शरण देनी चाहिए।

Acharya Pramod, BJP,Ghaziabad कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद (एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

न्यूज 18 इंडिया पर डिबेट के दौरान कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम कहने लगे कि क्या शफीक उर रहमान बर्क, मुनव्वर राणा या मौलाना नोमानी भारत के मुसलमानों के प्रतिनिधि हैं। क्या किसी मुस्लिम संगठन ने तालिबान का समर्थन किया है। कांग्रेस नेता कहने लगे कि तालिबानी को भला भारत में क्यों शरण देंगे? जब यूएई अफगान राष्ट्रपति को शरण दे सकता है तो भारत क्यों कुछ अफगानियों को शरण नहीं दे सकता? प्रमोद कृष्णम कहने लगे कि हमारे धर्म ग्रंथ सिखाते हैं कि शरण मांगने वाले को शरण देनी चाहिए। नेता कहने लगे, ‘तालिबान इतना अफगानिस्तान में नहीं चल रहा है जितना हिंदुस्तान में चल रहा है।’

इसका जवाब देते हुए बीजेपी के सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि अगर मौलाना नोमानी मुसलमानों के प्रतिनिधि नहीं हैं तो भला कौन है। नोमानी तो मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य हैं। त्रिवेदी कहने लगे कि कांग्रेस के नेता भी अब तक बांग्लादेश के धार्मिक अल्पसंख्यक को नागरिकता देने की बात करते आए हैं। बीजेपी प्रवक्ता कहने लगे कि कौन शरणार्थी और कौन घुसपैठिया इसका फर्क करना भारत को आता है।

मालूम हो कि ऑल-इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मौलाना सज्जाद नोमानी ने अफगानिस्तान पर कब्जा करने के लिए तालिबान की तारीफ की थी। मौलाना ने तालिबान की तारीफ की और कट्टरपंथियों को बधाई देते हुए कहा, “यह हिंदी मुस्लिम आपको सलाम करता है”। इससे पहले समाजवादी पार्टी के एक सांसद ने अफगानिस्तान पर तालिबान द्वारा कब्जा करने का बचाव किया था, यही नहीं सांसद ने इसे भारत के स्वतंत्रता संग्राम के साथ जोड़ा था। जिसके बाद संभल के सांसद शफीक उर रहमान बर्क की उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई लोगों ने आलोचना की थी।

संभल के लोकसभा सांसद शफीक उर रहमान बर्क ने कहा कि तालिबान अपने देश को आजाद करना चाहता था और यह अफगानिस्तान का आंतरिक मामला था। जिसके बाद यूपी विधान परिषद में, मुख्यमंत्री ने विपक्षी सांसद को फटकार लगाते हुए कहा, “वह बेशर्मी से तालिबान का समर्थन कर रहे थे। इसका मतलब उनके बर्बर कृत्य का समर्थन करना है।”

बर्क ने तालिबान को एक ऐसी ताकत कहा जिसने रूस या अमेरिका को अफगानिस्तान में खुद को स्थापित करने की अनुमति नहीं दी। सांसद ने कहा, “और अब वे अपना देश चलाना चाहते हैं”। सांसद ने कहा कि जब भारत ब्रिटिश शासन के अधीन था, तो पूरे देश ने आजादी के लिए लड़ाई लड़ी।