अमर सिंह के साथ नाम जोड़ने पर जार-जार रोने लगी थीं जया प्रदा, करना चाहती थीं सुसाइड

जया प्रदा ने कहा था, अमर सिंह जी मेरे गॉडफादर थे। जब अमर सिंह डायलिसिस पर थे और उनके साथ मेरी तस्वीरों को गलत तरीके से फैलाया गया था तब मैं रो रही थी। मैं आत्महत्या…

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अभिनेत्री से राजनेता बनीं जया प्रदा (Jaya Prada) और अमर सिंह (Amar Singh) के रिश्तों को लेकर सियासी गलियारे में तमाम तरह की बातें कही गईं। हालांकि जया प्रदा अमर सिंह को अपना भाई कहती थीं। ऐसे तमाम मौके आए जब जया प्रदा से उनके और अमर सिंह के रिश्तों को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने साफ कहा कि अमर सिंह उनके फ्रेंड, फिलॉस्फर और गॉडफादर थे, जो तमाम बुरे हालात में भी उनके साथ खड़े रहे।

अमर सिंह जब तक जिंदा रहे, तब तक जया से उनके संबंधों के सवाल ने उनका पीछा नहीं छोड़ा। कभी उनसे तो कभी जया से सवाल पूछे जाते रहे। ऐसा ही एक मौका आया जब अमर सिंह के साथ अपना नाम जोड़ने से जया प्रदा इतना दुखी हुईं कि जार-जार रोने लगीं और सुसाइड तक की सोचने लगी थीं।

सुसाइड की सोचने लगी थीं जया: कुछ साल पहले मुंबई के क्वींन्सलाइन लिटरेचर फेस्टिवल में खुद जया प्रदा ने अपने और अमर सिंह के संबंधों को लेकर तमाम बातें कही थीं। उन्होंने कहा था कि मेरे जीवन में कई लोगों ने मेरी मदद की है और अमर सिंह जी मेरे गॉडफादर थे। जब अमर सिंह डायलिसिस पर थे और उनके साथ मेरी तस्वीरों को गलत तरीके से फैलाया गया था तब मैं रो रही थी।

मैं कह रही थी कि अब मुझे नहीं जीना है। मैं आत्महत्या करना चाहती हूं। मैं सदमे में थी और किसी ने मेरा समर्थन नहीं किया। डायलिसिस से आने पर अमर सिंह जी ने ही उस वक्त मेरा साथ दिया था। वो मेरे साथ खड़े हुए और मेरा समर्थन किया।

राखी भी बांध दूं तो भी…: जया प्रदा ने कहा था कि वो अपने विरोधियों को चुप नहीं करा सकती हैं। अगर मैं उन्हें (अमर सिंह को) राखी भी बांध दूं तो क्या लोग मेरी-उनकी बात करना बंद कर देंगे? लोग क्या कहते हैं इससे मुझे फर्क नहीं पड़ता है? आपको बता दें कि अमर सिंह वो शख़्स थे जो जया प्रदा को समाजवादी पार्टी में लेकर आए थे। बाद में दोनों की राहें सपा से जुदा हो गई थीं। इसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले वो भाजपा में शामिल हो गई थीं।

आजम खान से अदावत भी रही चर्चा में: जया प्रदा की समाजवादी पार्टी के ही एक अन्य नेता आजम खान से तल्ख़ी भी चर्चा का विषय बनी थी। जया ने आजम खान पर खुदपर एसिड अटैक करवाने के प्रयास का आरोप लगाते हुए कहा था कि उस वक्त मेरी ज़िन्दगी में कोई निश्चितता नहीं थी। मैं कल जीवित रहूंगी या नहीं, ये मुझे नहीं पता था। मैं घर से निकलते समय मां से कहकर जाती थी कि शायद ही घर लौटूं।

खिलजी से की थी आजम खान की तुलना: आज़म खान से जुबानी जंग के बीच जया प्रदा ने उनकी तुलना खिलजी से कर दी थी। उस वक्त जया ने कहा था कि जब मैं पद्मावत देख रही थी, तो खिलजी के चरित्र ने मुझे आज़म खान की याद दिला दी। क्योंकि जब मैं चुनाव लड़ रही थी तो उस दौरान उसने मुझे ऐसे ही परेशान किया था।