अमिताभ के साथ ‘बड़े मियां-छोटे मियां’ नहीं करना चाहते थे गोविंदा, बिग के सामने हाथ जोड़ खड़े हो गए थे

गोविंदा कहते हैं- ‘बड़े मियां छोटे मियां’ जिस वक्त कर रहे थे, लोगों के लिए मैं उस समय सुपरस्टार था। परंतु 1993 से मेरे परिवार में डेथ की लाइन लग गई थी और इतने दुख झेले थे कि…

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नब्बे के दशक के सुपरस्टार गोविंदा ने एक से बढ़कर एक हिट फिल्में दीं। साल 1998 में आई उनकी फिल्म ‘बड़े मियां छोटे मियां’ को खूब पसंद किया गया। दर्शकों को गोविंदा और अमिताभ बच्चन की केमिस्ट्री खूब भाई। हालांकि ये इकलौती फिल्म थी जिसमें ‘बिग बी’ और ‘ची-ची’ साथ नजर आए। गोविंदा तो इस फिल्म में भी अमिताभ के साथ काम नहीं करना चाहते थे और हाथ जोड़ लिया था। उन्होंने खुद द कपिल शर्मा शो में पूरा किस्सा सुनाया था।

The Kapil Sharma Show में कपिल ने गोविंदा (Govinda) से उनके और अमिताभ के रिश्तों और ‘बड़े मियां छोटे मियां’ में बिग बी के साथ काम करने के अनुभव को लेकर सवाल किया। कपिल ने पूछा था, ‘सर, जैसे बच्चन साहब हैं, हर कोई उनके साथ काम करना चाहता है। आप जब उनके साथ बड़े मियां छोटे मियां कर रहे थे, आप इतने कंफर्टेबल कैसे थे?

इस पर गोविंदा कहते हैं- ‘बड़े मियां छोटे मियां’ जिस वक्त कर रहे थे, लोगों के लिए मैं उस समय सुपरस्टार था। परंतु 1993 से मेरे परिवार में डेथ की लाइन लग गई थी और इतने दुख झेले थे मैंने कि जिस वक्त बड़े मियां छोटे मियां कर रहे थे और आदरणीय अमिताभ बच्चन जी मेरे यहां आए तो मैं हाथ जोड़ कर खड़ा हो गया। उनसे कहा कि आप इतने बड़े लिजेंड हैं, आपके सामने ऐसे हाथ जोड़ कर खड़े रहते हैं।

जब बिग बी से बोले गोविंदा ‘बदनाम हूं’: गोविंदा ने कहा- ‘मेरी इस वक्त फिजिकली हालत ठीक नहीं है कि मैं ये फिल्म कर सकूं। लेकिन उन्होंने कहा- गोविंदा मैं चाह रहा हूं कि तुम ये पिक्चर करो। तो मैंने कहा- देखो सर, मैं बहुत बदनाम हूं कि मैं टाइम पर भी नहीं आता हूं और बहुत सारे लोग इसका फायदा उठाते हैं। पत्रिकाएं और प्रेस हैं, इसे मैं कंट्रोल नहीं करता हूं। अगर आप उस तरफ न देखें तो मैं आपके साथ काम कर सकता हूं।’

फिल्म का सब्जेक्ट तक नहीं सुना था गोविंदा ने: गोविंदा ने आगे बताया कि फिल्म बड़े मियां छोटे मियां की उन्होंने स्क्रिप्ट तक नहीं पढ़ी थी। गोविंदा ने बताया- ‘तो उस फिल्म का मैंने सब्जेक्ट भी नहीं सुना, उस फिल्म के अंदर क्या-क्या कास्टिंग थी, मुझे नहीं पता था। फिल्म के सीन लिख दिए जाते थे। जब मैं सेट पर आता था तो मुझे दिया जाता था।’ गोविंदा आगे कहते हैं, ‘रावण में मैंने छोटा सा रोल कर लिया तो मेरी पत्नी मुझे कहती हैं कि आपके लिए कहा जाता है कि आप जिसके साथ काम करते हैं उसे खा जाते हैं। ऐसे में मैंने सब्जेक्ट भी नहीं सुना। जो रोल दे दो मैं उसे ही कर लूंगा।’

जल्दी आने पर भी सेट पर खाली बैठते थे गोविंदा: गोविंदा ने बताया- ‘उस पिक्चर के लिए मैं सुबह 4 बजे पहुंचा करता था। मेरी कभी तारीफ नहीं हुई। कभी नहीं कहा गया कि गोविंदा टाइम पर आया। कभी नहीं कहा गया कि गोविंदा आकर बैठा हुआ था पूरा दिन। एक्टर्स सेट पर काम किए जाा रहे हैं और मैं पूछ रहा हूं कि आज शूटिंग है कि नहीं है? भाई साहब अच्छाई की कद्र नहीं है।’