अमिताभ-गोविंदा किसी ने फोन नहीं किया- कादर खान के निधन पर इंडस्ट्री से नहीं आया फ़ोन, एक्टर के बेटे ने बयां किया था दर्द

सरफराज़ खान ने बताया था कि कादर खान ने अमिताभ बच्चन, गोविंदा जैसे कलाकारों के साथ सबसे ज्यादा काम किया लेकिन इन लोगों की तरफ़ से उनके निधन पर कोई फोन नहीं आया।

kader khan, amitabh bachchan, govinda कादर खान ने अमिताभ और गोविंदा के साथ कई फिल्मों में काम किया था (Photos-Govinda/Amitabh Bachchan/Twitter)

80 और 90 के दशक के मशहूर अभिनेता कादर ख़ान का जब निधन हुआ तब डेविड धवन को छोड़कर इंडस्ट्री से किसी ने उनके घर फोन तक नहीं किया था- ऐसा दिवंगत एक्टर के बेटे सरफराज़ ख़ान ने दावा किया था। सरफराज़ ने बताया था कि कादर खान ने अमिताभ बच्चन, गोविंदा जैसे कलाकारों के साथ सबसे ज्यादा काम किया लेकिन इन लोगों की तरफ़ से उनके निधन पर कोई फोन नहीं किया।

कादर ख़ान अपने बेटों से पहले ही कहते थे कि फ़िल्म इंडस्ट्री किसी को याद नहीं रखती इसलिए उन्हें वहां के लोगों से कोई उम्मीद नहीं है। सरफराज़ ने पिता के निधन पर कहा था कि उनके पिता को भुला दिया गया। कादर खान के निधन पर हालांकि गोविंदा ने एक ट्वीट कर उन्हें पिता समान बताया था जिस पर सरफराज़ ने बीबीसी से बातचीत में अपनी प्रतिक्रिया दी थी।

उन्होंने कहा था कि लोग भले ही मोहब्बत में उन्हें पिता कहते हों लेकिन असली पीड़ा मुझे है। मैंने ही उनका ख्याल रखा। किसी और ने उन्हें याद नहीं किया। सरफराज़ ने कहा था, ‘मेरे पिता ने पूरी ज़िंदगी बॉलीवुड को दे दी लेकिन उन्होंने कभी इस चीज़ की उम्मीद नहीं की। शायद जब वो काम करते थे तब उन्होंने देखा था कि उनके सीनियर्स के साथ आख़िरी वक्त में कैसा बर्ताव हुआ।’

सरफराज़ ने बताया था कि पिता के निधन पर डेविड धवन को छोड़कर किसी का फोन नहीं आया। उन्होंने बताया था, ‘इंडस्ट्री में जो ट्रेंड बना है, वो आगे जाकर सबके साथ होगा। बाद में लोग संवेदना जताते हैं, दुनिया के सामने दिखावा करते हैं। दिखावे के लिए लोग शादियों में जाकर डांस भी करते हैं और खाना भी परोसते हैं लेकिन हक़ीक़त ऐसी नहीं है। जब मेरे पिता को ये अहसास हुआ कि उन्हें अकेले ही लड़ाई लड़नी है तभी उन्होंने हमें बता दिया था कि हमारी इंडस्ट्री बेमुरव्वत है, कभी किसी से उम्मीद मत रखना। शायद उन्हें किसी बात का दुख पहुंचा होगा।’

कादर खान के माता पिता अफ़ग़ानिस्तान के काबुल शहर से उस वक्त भारत आए थे जब कादर खान छोटे थे। उनका परिवार मुंबई के कमाठीपुरा में ठहरा था जो मुंबई की सबसे गंदी बस्ती मानी जाती थी। कादर खान ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि वो जिस इलाके में रहते थे वहां एक तरफ़ प्रॉस्टिट्यूशन होता था तो दूसरी तरफ़ शराब बिकती थी। ऐसे माहौल से निकलकर कादर खान ने बॉलीवुड इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाई थी। कादर खान ने 31 अक्टूबर 2018 को कनाडा में अंतिम सांस ली थी।