अमिताभ ठाकुर के लिए इतनी संवेदनाएं कैसे जाग गईं? मुलायम ने ही धमकाया था- एंकर ने टोका, SP प्रवक्ता ने दिया यह जवाब

एंकर प्रियंका त्रिपाठी ने सपा प्रवक्ता डॉ अभिषेक राय से सवाल किया कि इतनी संवेदना कैसे जग गयी है आपलोगों की? 2015 में मुलायम सिंह यादव ने उन्हें धमकाया था। फिर अचानक से ये परिवर्तन क्या है?

IPS अमिताभ ठाकुर यूपी के चर्चित अफसर रहे हैं। राज्य के सीएम रहे मुलायम सिंह यादव से उन्होंने सीधी टक्कर लेकर खूब सुर्खियां बटोरी थीं। योगी सरकार में भी वह मुखर रहे। साल 2021 में सरकार ने उन्हें जबर रिटायर कर दिया। सरकार के इस फैसले के बाद भी अमिताभ ठाकुर पूरे दम से अपनी बात रख रहे हैं।

भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पूर्व अधिकारी अमिताभ ठाकुर को शुक्रवार (27 अगस्त, 2021) को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की कोतवाली में बंद कर दिया गया था। उसके बाद से उत्तर प्रदेश की राजनीति गर्म है। समाजवादी पार्टी ने सरकार पर हमला बोला है। एपीएन न्यूज चैनल पर चल रहे एक शो में सपा प्रवक्ता से एंकर ने सवाल किया कि अमिताभ ठाकुर के लिए इतनी संवेदनाएं कैसे आप लोगों की जाग गईं है? एक समय था जब मुलायम सिंह ने भी उन्हें धमकाया था।

एंकर प्रियंका त्रिपाठी ने सपा प्रवक्ता डॉ अभिषेक राय से सवाल किया कि इतनी संवेदना कैसे जग गयी है आपलोगों की? 2015 में मुलायम सिंह यादव ने उन्हें धमकाया था। फिर अचानक से ये परिवर्तन क्या है? अभिषेक राय ने कहा कि उस दौर में वो मुख्यमंत्री आवास के बाहर बैठे थे और उनके जूनियर अधिकारी उनकी सुरक्षा कर रहे थे वही आज आप देख सकते हैं कि किस तरह से उनके साथ व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने एफआईआर की कॉपी मांगी थी लेकिन उन्हें बिना उपलब्ध करवाए, गाड़ी पर बैठा लिया गया। यह लोकतंत्र की हत्या है, यह दमन है।

अमिताभ ठाकुर ने क्या गलती की है? उन्होंने कहा है कि वो मुख्यमंत्री के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे, चुनाव लड़ने का अधिकार तो भारत का संविधान ही देता है। विरोधियों को कम से कम अपनी बात रखने का मौका तो जरूर देना चाहिए। उन्होंने बीजेपी से सवाल किया कि क्या आप विरोधियों का गला दबाकर राजनीति करना चाहते हैं?

एंकर ने उन्हें टोका कि आप मुलायम सिंह वाले घटना पर जवाब दें तो उन्होंने कहा कि उस समय वो उस घटना के विरोध में मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे थे लेकिन सरकार की तरफ से उन्हें तंग नहीं किया गया। अगर पढ़े लिखे लोगों के साथ इस तरह का व्यवहार किया जाएगा तो यह चिंता का विषय है। हमारा सवाल सरकार से है कि क्या आप विपक्ष को बोलने का मौका नहीं देंगे?