असमः गांव खाली कराने पहुंची पुलिस से भिड़े ग्रामीण, पुलिस ने की फायरिंग तो गांव वालों ने भी बरसाए पत्थर, दो की मौत और 11 घायल

विरोध कर रहे परिवारों की मांग थी कि बेदखली को रोका जाए और उन्हें एक व्यापक पुनर्वास पैकेज प्रदान दिया जाए। इसको लेकर वे लोग सिपाझार में प्रदर्शन कर रहे थे।

assam दरांग के पुलिस अधीक्षक सुशांत बिस्वा सरमा ने कहा कि परेशानी तब शुरू हुई जब धारदार हथियारों से लैस प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया। (Twitter/himantabiswa)

असम में आम नागरिकों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प के दौरान गोली लगने से दो लोगों की मौत हो गई और 11 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय पुलिस अधिकारी ने कहा कि असम के दरांग जिला प्रशासन द्वारा बेदखल किए गए 800 परिवारों के पुनर्वास की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों की गोलीबारी में गुरुवार को दो लोगों की मौत हो गई और 11 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से ज्यादातर पुलिसकर्मी थे।

विरोध कर रहे परिवारों की मांग थी कि बेदखली को रोका जाए और उन्हें एक व्यापक पुनर्वास पैकेज प्रदान दिया जाए। इसको लेकर वे लोग सिपाझार में प्रदर्शन कर रहे थे।

दरांग के पुलिस अधीक्षक सुशांत बिस्वा सरमा ने कहा कि परेशानी तब शुरू हुई जब धारदार हथियारों से लैस प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और आम लोगों पर हमला कर दिया। पुलिस ने आत्मरक्षा में गोलियां चलाईं, जिसमें दो नागरिक मारे गए। उन्होंने कहा कि इस दौरान दोनों पक्षों में मारपीट हुई और 11 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।