असम की भाजपा सरकार का फैसला- ओरांग नेशनल पार्क से राजीव गांधी का नाम हटा

असम के वन व पर्यावरण मंत्री एस परिमल ने रविवार को पार्क के प्रवेश द्वार का उद्घाटन किया। इसमें दरवाजे का नाम ओरांग टाइगर रिजर्व दर्ज था।

असम की बीजेपी सरकार ने ओरांग नेशनल पार्क से राजीव गांधी का नाम हटा दिया है। अब इसे ओरांग टाइगर रिजर्व के नाम से जाना जाएगा। पार्क के प्रवेश द्वार पर ये नाम लिख दिया गया है। पहले इसका नाम पूर्व पीएम राजीव गांधी के नाम पर था। कुछ समय से कयास लगाए जा रहे थे कि हेमंत सरकार ऐसा कोई फैसला ले सकती है। इसे लेकर काफी चर्चा थी।

खास बात है कि हाल ही में मोदी सरकार ने राजीव गांधी खेल रत्न का नाम तब्दील किया है। एक माह से कम के अर्से में ये दूसरी घटना है जब पूर्व पीएम के नाम को हटाया गया। कांग्रेस ने इसका तीखा विरोध करके कहा है कि मोदी सरकार ये सब बदले की भावना से कर रही है। राजीव का देश के प्रति जो योगदान है, सरकार उसे नजरंदाज करने में लगी है।

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असम के वन व पर्यावरण मंत्री एस परिमल ने रविवार को पार्क के प्रवेश द्वार का उद्घाटन किया। इसमें दरवाजे का नाम ओरांग टाइगर रिजर्व दर्ज था। असम के एक पर्यावरण समूह, अरण्य सुरक्षा समिति ने मुख्यमंत्री सरमा से राजीव गांधी को ओरंग राष्ट्रीय उद्यान के नाम से हटाने का आग्रह किया था। तब से ये मसला सरगर्म हो गया था।

अरण्य सुरक्षा समिति ने मांग की थी कि राजीव गांधी ओरंग राष्ट्रीय उद्यान का नाम बदलकर ओरंग राष्ट्रीय उद्यान ही रखा जाए। अरण्य सुरक्षा समिति के महासचिव डॉ हरि चरण दास ने इस संबंध में 13 अगस्त को असम के मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भेजा था। ज्ञापन में कहा गया कि भारत के इतिहास में पूर्व पीएम का नाम हमेशा सुनहरे शब्दों में लिखा जाएगा, लेकिन उनके नाम पर राष्ट्रीय उद्यान का नाम रखना अप्रासंगिक है।

ओरंग वन्यजीव अभयारण्य की स्थापना 1985 में हुई थी। 1992 में इसका नामकरण पूर्व प्रधान मंत्री राजीव गांधी के नाम पर कर दिया गया। तब इसका नाम राजीव गांधी वाइल्ड लाइफ सेंचुरी किया गया था, लेकिन 1996 में अभयारण्य का नाम बहाल करने और इसे राष्ट्रीय उद्यान के रूप में उन्नत करने के लिए एक अभियान शुरू किया गया तो फैसले को रोक लिया गया। 1999 में इसे ओरंग राष्ट्रीय उद्यान के रूप में विकसित किया गया था। फिर इसका नाम राजीव गांधी ओरंग राष्ट्रीय उद्यान कर दिया गया।

2001 में, तत्कालीन तरुण गोगोई के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने पार्क का नाम बदलकर राजीव गांधी ओरंग राष्ट्रीय उद्यान कर दिया था। ओरंग राष्ट्रीय उद्यान, 79 वर्ग किमी से अधिक के एक मुख्य क्षेत्र के साथ 101 एक सींग वाले गैंडों (2018 के आंकड़े) और 24 राजसी रॉयल बंगाल टाइगर्स के अलावा एवियन और जलीय प्रजातियों का खजाना है।