असम पुलिस पर चोरी का केस, मिजोरम का दावा- ब्रिज की साइट से उठा ले गए सामान

मिजोरम की तरफ से कहा गया है कि शुक्रवार को असम के पुलिस कर्मियों ने कोलासिब के बैराबी उपखंड में मिजोरम की सीमा आकर ब्रिज निर्माण के समान को उठा लिया है।

Assam, Mizoram,Himanta Biswa Sarma असम और मिजोरम के बीच हाल के दिनों में सीमा विवाद बढ़ता जा रहा है (एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

असम और मिजोरम के बीच विवाद एक बार फिर से बढ़ने की संभावना है। मिजोरम ने असम पुलिस पर चोरी का केस दर्ज किया है। मिजोरम की तरफ से दावा किया गया है कि असम पुलिस ने चोरी से ब्रिज की साइट से समान उठा लिया है। वहीं असम सरकार ने रविवार को आरोप लगाया कि मिजोरम के अधिकारियों ने हैलाकांडी में उसके क्षेत्र में प्रवेश किया और पुल का निर्माण शुरू कर दिया है।

मिजोरम की तरफ से कहा गया है कि शुक्रवार को असम के पुलिस कर्मियों ने कोलासिब के बैराबी उपखंड में मिजोरम की सीमा आकर ब्रिज निर्माण के समान को उठा लिया है। वहीं असम के हैलाकांडी के पुलिस अधीक्षक गौरव उपाध्याय ने कहा है कि घटना शुक्रवार को उस समय हुई जब मिजोरम के कुछ मजदूर रामनाथपुर पुलिस थाना क्षेत्र के काचूरथाल में एक पुल का निर्माण करने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘रामनाथपुर के थाना प्रभारी और उनके गश्ती दल ने तत्काल मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य रोका। उन्होंने इसे मिजोरम द्वारा अतिक्रमण करार दिया और कहा कि उन्हें असम की तरफ पुल बनाने का कोई अधिकार नहीं है।’’

उपाध्याय ने आरोप लगाया कि शनिवार को मिजोरम से 40 से 50 सुरक्षाकर्मी पुल वाली जगह पहुंचे और उनमें से कुछ तो असम की तरफ आ गये जो ‘सीमावर्ती क्षेत्र में अमन-चैन बनाकर रखने के लिए पांच अगस्त को दोनों राज्यों द्वारा जारी संयुक्त बयान का पूर्णतया उल्लंघन’ है। उन्होंने दावा किया कि असम के स्थानीय पुलिस दल ने मिजोरम के सुरक्षा दस्ते से असम के क्षेत्र से जाने का आग्रह किया, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से मना कर दिया।

उपाध्याय ने कहा, ‘‘असम का रुख जोरदार तरीके से रखने के वास्ते और मिजोरम के बलों को असम की तरफ से वापस करने के लिए असम पुलिस के करीब 200 कर्मी तथा कमांडो मेरे और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में रविवार सुबह काचूरथाल पहुंचे।’’ हालांकि उन्होंने कहा कि जिम्मेदार बल होने के नाते असम पुलिस ने टकराव की स्थिति पैदा नहीं होने दी और अनधिकृत पुल का निर्माण रोककर तथा मिजोरम के बल को हटाकर मामले का सौहार्दपूर्ण तरीके से समाधान निकालने का प्रयास किया।