असम: विवादित बयान देने के मामले में कांग्रेस विधायक शर्मन अली अहमद गिरफ्तार, राजद्रोह का मामला दर्ज

असम कांग्रेस ने राज्य में उपचुनाव से पहले सांप्रदायिक रूप से भड़काऊ बयान देने के लिए उन्हें एक नोटिस भी जारी किया और तीन दिन के भीतर जवाब मांगा।

पुलिस अधिकारी ने कहा कि कांग्रेस विधायक शर्मन अली अहमद के खिलाफ आईपीसी की धारा 124ए के तहत राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया है। (फोटो: फेसबुक/shermanaliahmed)

असम कांग्रेस के विधायक शर्मन अली अहमद को दरांग जिले में अतिक्रमण रोधी अभियान के दौरान ‘भड़काऊ’ टिप्पणी करने के लिए राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने रविवार को कहा कि कांग्रेस विधायक अहमद को शनिवार को दिसपुर में उनके विधायक आवास से हिरासत में लिया गया और पूछताछ के लिए पानबाजार पुलिस थाने ले जाया गया जहां बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि आज कांग्रेस विधायक शर्मन अली अहमद को अदालत में पेश किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि आईपीसी की धारा 124ए (राजद्रोह) के तहत उनके खिलाफ एक मामला भी दर्ज किया गया है। दरअसल ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (आसू) और भारतीय जनता पार्टी की युवा मोर्चा भाजयुमो सहित कई संगठनों ने विधायक की टिप्पणी को लेकर उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।

शर्मन अहमद ने ये टिप्पणियां भाजपा नीत सत्तारूढ़ गठबंधन के कुछ नेताओं के इस दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए की थी कि दारांग जिले के सिपाझार इलाके में कथित अतिक्रमणकारियों ने असम आंदोलन के दौरान 1983 में आठ लोगों की ”हत्या” की थी। अहमद ने कथित तौर पर कहा था कि 1983 के आंदोलन में मारे गए आठ लोग “शहीद नहीं, बल्कि हत्यारे” थे, क्योंकि वे सिपाझार इलाके के अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को मारने में शामिल थे। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि आठ लोगों पर हुआ “हमला” उस क्षेत्र की मुस्लिम आबादी द्वारा “आत्मरक्षा” का कार्य था।

असम कांग्रेस ने राज्य में उपचुनाव से पहले “सांप्रदायिक रूप से भड़काऊ” बयान देने के लिए उन्हें एक नोटिस भी जारी किया और तीन दिन के भीतर जवाब मांगा। अपनी नोटिस में कांग्रेस पार्टी ने कहा था कि असम आंदोलन की पुरानी घटनाओं के जख्म कुरेदते हुए सांप्रदायिक रूप से की गई भड़काऊ टिप्पणियां असंवेदनशील और नाकाबिले बर्दाश्त है।

असम कांग्रेस के विधायक के द्वारा दिए गए विवादित बयान पर राज्यभर में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन किया गया। कई जगहों पर कांग्रेस विधायक के पुतले भी फूंके गए थे। कांग्रेस ने इस बयान की वजह से उन्हें भाजपा का एजेंट भी बता दिया और कहा कि वे मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा से निकटता के कारण कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने के लिए ऐसी टिप्पणी कर रहे हैं।