अस्पताल से बिना बताए गायब हुए 25 मरीज, हिंदू राव में बदइंतजामी से नाराज हैं कोरोना पीड़ित

जमुनापार से गए कुछ कोविड मरीजों के परिजन की शिकायत है कि हिंदूराव अस्पताल के प्रत्येक वॉर्ड में 40-50 कोविड रोगी हैं। कई दवाइयां तो मरीजों को अपनी जेब से खरीद कर मंगानी पड़ रही है। चांदनी चौक के एक मरीज के परिजन ने बताया कि डॉक्टर और नर्स को भी वेतन से लेकर अन्य सुविधाएं नहीं मिलने का असर भी उनकी सेवा में साफ तौर पर देखा जा सकता है।

Covid-19, Delhi MCD Hospital

उत्तरी दिल्ली नगर निगम के सबसे बड़े हिंदू राव अस्पताल में बिना बताए 25 कोविड रोगी गायब हो गए हैं। बताया जा रहा है कि यहां अव्यवस्था का आलम यह है कि मरीजों को दवाइयां, ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर की व्यवस्था भी खुद से करना पड़ रही है। मामला सामने आने पर गायब रोगियों की जांच के लिए महापौर ने पुलिस को शिकायत दी है। महापौर का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही की भी जांच होगी। अस्पताल में कोविड के 280 रोगियों के सभी बेड अभी फुल हैं। सभी 25 मरीज 18 अप्रैल से लेकर सात मई के बीच बहाने बताकर गायब हो गए हैं।

जानकारी के मुताबिक, हिंदूराव में भर्ती कोविड मरीजों को न तो समय पर दवाइयां मिल रही हैं और न ही ऑक्सीजन नापने के लिए ऑक्सीमीटर। एक वॉर्ड में 40 मरीज हैं, जिनके ऑक्सीजन लेवल मापने के लिए एक ऑक्सीमीटर है। यह शिकायत वॉर्डों में भर्ती मरीजों के परिजनों की है। नाम नहीं छापने की शर्त पर हिंदू राव से राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती एक नामी प्राध्यापक ने बताया की यह सिर्फ कहने भर का कोविड अस्पताल है। इससे अच्छा घर पर इलाज करने में भलाई है।

बताया जा रहा है कि कुछ मरीज भर्ती होने पर बिना सूचना दिए ही घर चले गए, जबकि कई जाना चाहते हैं। हिंदूराव में जितने भी मरीज भर्ती हैं, उनके परिजनों वॉर्डों के अंदर व्यवस्थाओं से परेशान हैं। जमुनापार से गए कुछ कोविड मरीजों के परिजन की शिकायत है कि हिंदूराव अस्पताल के प्रत्येक वॉर्ड में 40-50 कोविड रोगी हैं। कई दवाइयां तो मरीजों को अपनी जेब से खरीद कर मंगानी पड़ रही है। चांदनी चौक के एक मरीज के परिजन ने बताया कि डॉक्टर और नर्स को भी वेतन से लेकर अन्य सुविधाएं नहीं मिलने का असर भी उनकी सेवा में साफ तौर पर देखा जा सकता है।

अस्पताल प्रशासन हाथ खड़े कर देता है। वे रोगी के तीमारदारों को बेहतर सुविधा वाले अस्पताल ढूंढ़़ने जैसी बात कहकर पल्ला झारने की कोशिश करते रहते है। यही हाल राजन बाबू टीबी अस्पताल का भी है। दोनों अस्पतालों में भर्ती मरीजों का बुरा हाल है।

और महापौर कहते हैं…
उत्तरी दिल्ली निगम के महापौर जय प्रकाश ने कहते हैं कि अस्पताल में 280 बिस्तर आरक्षित हैं और दिल्ली सरकार की कोरोना ऐप के अनुसार कोई भी बिस्तर अभी खाली नहीं है। उनका कहना है कि 25 मरीज किसी को सूचित किए बगैर 18 अप्रैल से सात मई के बीच अस्पताल से चले गए। कुछ मरीज भर्ती होने पर बिना सूचना दिए ही चले जाते हैं, क्योंकि उन्हें संभवत: कहीं और बेहतर सुविधाएं मिल जाती हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में पांच सितारा सुविधा नहीं मिल सकती है।

डॉक्टर और नर्स बिना वेतन के काम कर रहे हैं। हिंदू राव से 160 रोगी ठीक होकर अपने घर भी जा चुके है। उन्हें डिस्चार्ज होकर जाना चाहिए। महापौर का कहना है कि मैं यह दावे के साथ कह सकता हूं कि हमारे किसी भी अस्पताल में आज तक ऑक्सीजन की कमी नहीं हुई। उनका कहना है कि दिल्ली सरकार के अस्पतालों से भी कई रोगी रोगी गायब गायब हो रहे हैं।