अस्पताल से श्मशान तक, मां गंगा ने किसे बुलाया? पुण्य प्रसून बाजपेयी ने PM मोदी को मारा ताना तो लोग करने लगे ऐसे कमेंट

पुण्य प्रसून बाजपेयी ने अपने ट्वीट्स में पीएम मोदी को ताना मारना शुरू कर दिया। एक के बाद एक बाजपेयी ने कई सारे पोस्ट किए। अपने पहले पोस्ट में उन्होंने कहा- ‘मां गंगा से सत्ता तक, घर से सड़क, सड़क से अस्पताल,..

Punya Prasun Bajpai, PM Narendra Modi, Central Government, पुण्य प्रसून बाजपेयी, पीएम नरेंद्र मोदी, सेंट्रल गवर्नमेंट,

Punya Prasun Bajpai: कोरोना संकट के बीच देश के अस्पतालों में दवाइयों से लेकर बेड, ऑक्सीजन और वेंटिलेटर्स की भारी कमी देखी जा रही है। इसके चलते वरिष्ठ पत्रकार पुण्य प्रसून बाजपेयी मोदी सरकार पर भड़कते नजर आए। ऐसे में पुण्य प्रसून बाजपेयी ने अपने ट्वीट्स में पीएम मोदी को ताना मारना शुरू कर दिया। एक के बाद एक बाजपेयी ने कई सारे पोस्ट किए। अपने पहले पोस्ट में उन्होंने कहा- ‘मां गंगा से सत्ता तक, घर से सड़क, सड़क से अस्पताल, अस्पताल से शमशान, शमशान से गंगा तक, मां गंगा ने किसे बुलाया?’

अपने अगले पोस्ट में बाजपेयी ने कहा- ‘2014 देश की मासूमियत छीन ली…’। बाजपेयी ने एक और पोस्ट किया था जिसमें उन्होंने कहा- जब 1989 की फाइल खुल सकती है, तब 1984, 2002, 2005, 2013, 2014 की फाइल क्यों नहीं खुल सकती? पुण्य प्रसून बाजपेयी के इन पोस्ट को देख कर लोगों ने भी कमेंट की झड़ी लगा दी। आशीष पांडे नाम के एक यूजर बोले- पुण्य प्रसून बाजपेयी जी अगर अब बोलने से समय मिल गया हो तो थोड़ा सकारात्मकता भी फैलाइए।

पंकज मिश्रा नाम के यूजर बोले- सारी नाकामयाबियों का ठीकरा फोड़ने के लिए एक ही सिर है। बाकी केजरीवाल, कैप्टन गहलोत बघेल, उद्धव, ममता…..आदि महानुभाव लोग अपना प्रचार और सहखर्ची न करके अस्पताल बना सकते थे? सभी राज्यों के अपने अपने फंड और आय के स्रोत हैं। वह पैसा भी जनता का ही है, उसे ही जनता के लिए खर्च कर देते।

रवीश नाम के एक यूजर बोले- जो बुलाने का ढोंग कर रहा था वो तो गया नहीं, मगर देश की निर्दोष जनता को भेज दिया। आरएफ हन्फी नाम के यूजर बोले- वाराणसी की जनता अपने सांसद को ढूंढ रही है! मां गंगे याद नहीं आ रही है, प्रधान सेवक को!

सैयद नाम के शख्स ने कहा- Sir, हमारे बिहार के पप्पू यादव जो गरीबों के मदगार हैं, करोना उलंघन का झूठा केस डाल कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। क्योंकि BJP सांसद की Ambulance पकड़वाने का जुर्म किया उन्होंने। जिसमें रेत ढुलाई की जाती थी, Govt इतनी बेशर्म है।

एक ने लिखा- देश डूब रहा है, आरएसएस कहां है? भुपेंद्र नाम के शख्स ने इन्हें जवाब दे कहा- अंधों को दिखाई नहीं देता। आरएसएस अपना काम कर रहा है।