‘आजकल आपकी नजर टोपी पर है’ CM योगी से पूछने लगे अमिश देवगन, देखिए क्या मिला जवाब

सीएम बोले, “मैंने कहा कि यह सब दृश्य टेलीविजन के माध्यम से जब बाहर जा रहा था तब लोग हंस रहे थे। लोग कह रहे थे कि सदन में बैठे हुए ये हमारे चुने हुए प्रतिनिधि हैं या ड्रामा पार्टी।”

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यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि यदि मेरी बातों से सपा को मिर्ची लगती है तो मैं क्या करूं? मैंने तो सिर्फ ‘लाल टोपी’ के बारे जनता की धारणा को सदन में बताया था। सीएम योगी आदित्य नाथ टीवी चैनल न्यूज-18 इंडिया के कार्यक्रम में एंकर अमीश देवगन से बात कर रहे थे। अमीश देवगन ने उनसे पूछा कि आजकल आपकी नजर टोपी पर है। अखिलेश यादव ने कहा है कि जब आप यह बोले थे तो जरूर लाल मिर्ची खाकर आए होंगे।

इस पर सीएम योगी आदित्य नाथ ने कहा, “देखिए मैं मिर्ची खाता नहीं हूं। और मेरी बातों से अखिलेश जी को या समाजवादी पार्टी को जरूर मिर्ची लगी होगी। मैंने विधानसभा में यह बात कही थी। देखिए विधानसभा लोकतंत्र का एक पवित्र मंदिर है। वहां का एक सिस्टम है, एक शिष्टाचार है। देश और प्रदेश देख रहा है। उत्तर प्रदेश विधानसभा देश के किसी भी राज्य का सबसे बड़ी विधानसभा है। सदन में राज्यपाल जी का अभिभाषण था। उस दौरान यह बात हुई। ”

उन्होंने बताया, “मैंने देखा कि सदन में चार प्रकार की टोपियां थीं। एक लाल, एक नीली, एक पीली और एक हरी। मैनें कहा कि यह सब दृश्य टेलीविजन के माध्यम से जब बाहर जा रहा था तब लोग हंस रहे थे। लोग कह रहे थे कि सदन में बैठे हुए ये हमारे चुने हुए प्रतिनिधि हैं या ड्रामा पार्टी। मैंने कहा कि यह ड्रामा पार्टी क्यों बना रहे हैं। आपको अपनी पार्टी के कार्यक्रम में जो पहनना है पहनिए, लेकिन सदन को यह ड्रामा पार्टी न बनाइए।”

मुख्यमंत्री ने बताया, “उन्होंने कहा कि मैं एक कार्यक्रम में गया था, वहां पर ढाई साल का एक बच्चा अपनी मां के साथ बैठा था। वहां मैं अन्नप्राशन कार्यक्रम में शामिल हुआ था। तभी समाजवादी पार्टी के कुछ लोग लाल टोपी पहन कर आ गए नारेबाजी करने। उनको देखकर वह बच्चा बोला कि मम्मी देखो गुंडे आ गए।”

उन्होंने बताया “मैंने कहा कि देखो पब्लिक के मन में क्या धारणा है। आपके बारे में आपकी टोपी पहनने पर वह बच्चा अनुमान लगा रहा है। मेरी बात हाथरस की घटना में सच साबित हुई। उन लोगों ने पोस्टर किसकी लगाई थी देखिए। उनके फेसबुक एकाउंट चेक करिए, वे लोग किससे जुड़े हैं। मुख्तार अंसारी के बारे में बोल सकते हैं, अतीक अहमद के बारे में बोल सकते हैं। सब तो इन्हीं के पाले हुए लोग हैं।”