आत्मनिर्भर भारत से संभव नहीं कोरोना टीकाकरण: फाइजर, मॉडर्ना, जॉनसन से संपर्क में सरकार, पर वो अभी बात के लिए भी नहीं तैयार

तीनों कंपनियों ने ही इशारा किया कि उनके पास अभी भारत को सप्लाई करने के लिए क्षमता नहीं बची है और वे कुछ ही महीनों में बातचीत करेंगी।

Coronavirus, Vaccination

भारत में कोरोनावायरस के बढ़ते केसों के बीच लोगों में वैक्सीन लगवाने की होड़ मची है। हालांकि, टीकों की कमी के चलते देश में फिलहाल टीकाकरण कार्यक्रम की रफ्तार काफी धीमी पड़ चुकी है। इस कमी के बीच केंद्र सरकार ने पहली बार कहा है कि वह जरूरतों को पूरा करने के लिए तीन वैश्विक वैक्सीन उत्पादक- फाइजर, मॉडर्ना और जॉनसन एंड जॉनसन से बातचीत कर रही है। केंद्र का कहना है कि ऐसा सप्लाई को जल्द से जल्द हासिल करने के लिए किया जा रहा है। हालांकि, सरकार का यह भी कहना है कि तीनों ही कंपनियां पहले ही कह चुकी हैं कि वे किसी भी चर्चा के लिए 2021 की तीसरी तिमाही में ही तैयार हो पाएंगे, यानी अभी उनकी सप्लाई चेन में भारत को शामिल करना संभव नहीं है।

केंद्र सरकार ने वैक्सीन उत्पादकों की तरफ से दिए गए आंकड़ों का ब्योरा देते हुए कहा था कि भारत में इसी साल अगस्त से दिसंबर के बीच दो अरब से ज्यादा वैक्सीन उपलब्ध हो सकती हैं। कोविड-19 टास्क फोर्स के प्रमुख डॉक्टर वीके पॉल ने कहा था कि सरकार ने अगस्त-दिसंबर के बीच वैक्सीन की उपलब्धता को लेकर उत्पादकों से बात की। इस दौरान भारत में 216 करोड़ वैक्सीन उपलब्ध हो सकती हैं।

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पॉल ने यह भी बताया कि सरकार ने औपचारिक तौर पर फाइजर, मॉडर्ना और जॉनसन एंड जॉनसन से भी भारत को वैक्सीन डोज मुहैया कराने के लिए संपर्क किया और इसमें हर तरह से उनकी मदद करने की बात कही। उन्होंने बताया कि शुरुआत से विदेश मंत्रालय और बायोटेक्नोलॉजी विभाग इन तीनों कंपनियों से संपर्क में है और बातचीत जारी है।

कोविड-19 टास्क फोर्स के प्रमुख ने कहा, “हमने फार्मा कंपनियों से पूछा कि क्या वे वैक्सीन डोज भारत भेज सकती हैं, क्या वे भारत में उत्पादन करना चाहेंगी? हमने उन्हें बताया कि हम साझेदार ढूंढकर उनकी मदद करेंगे।” हालांकि, तीनों कंपनियों ने ही इशारा किया कि उनके पास अभी भारत को सप्लाई करने के लिए क्षमता नहीं बची है और वे कुछ ही महीनों में बातचीत करेंगी।

पॉल के मुताबिक, “इन कंपनियों ने साफ कर दिया कि उनके रिश्ते अच्छे हैं, पर वे अपनी योजना के हिसाब से आगे बढ़ रहे हैं। वैक्सीन मुहैया कराने पर उन्होंने कहा कि वे इस साल की तीसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के बीच बातचीत करेंगे। हम उम्मीद करते हैं कि वे आगे आकर भारत में वैक्सीन की आपूर्ति को बढ़ाएंगी।” इस बीच पॉल ने यह भी कहा कि भारत उम्मीद करता है कि तीनों उत्पादक अपनी वैक्सीन की तकनीक भारत के घरेलू उत्पादकों के साथ साझा करेंगे, जिससे वैक्सीन की उपलब्धता बढ़ सकेगी।

केंद्र सरकार ने गुरुवार को ही बताया कि मई में टीकाकरण करने के लिए 7.30 करोड़ डोज मुहैया होंगी। इनमें से 1.27 करोड़ डोज सीधे तौर पर राज्य की तरफ से ली जा रही हैं और 80 लाख डोज प्राइवेट अस्पताल ले रहे हैं।