आनंद महिंद्रा ने इस डोसा वाले को बताया रोबोट, वीडियो शेयर कर बोले- भूख लग गई

आनंद महिंद्रा ने एक वीडियो शेयर किया है जिसमें एक शख्स बहुत तेजी से डोसा बना रहा है। महिंद्रा इस इंसान की स्पीड देखकर हैरान रह गए और उसकी तुलना रोबोट से कर दी।

anand mahindra, chairman, dosa vendor, robots, viral कारोबारी आनंद महिंद्रा। (एक्सप्रेस फोटो)।

महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा अक्सर सोशल मीडिया में कुछ न कुछ पोस्ट करते रहते हैं। महिंद्रा सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं और शायद ही ऐसी कोई छोटी-बड़ी हलचल हो जिसके बारे में उन्हें जानकारी ना हो। मंगलवार को उन्होंने ट्वीट करते हुए एक पोस्ट शेयर किया। जो अब जमकर वायरल हो रहा है।

आनंद महिंद्रा ने एक वीडियो शेयर किया है जिसमें एक शख्स बहुत तेजी से डोसा बना रहा है। महिंद्रा इस इंसान की स्पीड देखकर हैरान रह गए और उसकी तुलना रोबोट से कर दी। उन्होंने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “इस सज्जन व्यक्ति की वजह से इनके सामने रोबोट भी अनप्रोडक्टिव और धीमा नजर आता है। मैं उसे देखकर थक गया हूं … और भूख लगी है।” उनके इस विडियो को अबतक 25 लाख से अधिक लोग देख चुके हैं।

इससे पहले हाल में उन्होंने ऐसा ही एक वीडियो शेयर किया था। इस वीडियो में एक मजदूर बड़ी कुशलता के साथ ढेर सारी ईंटे एक एक कर सिर पर बैलेंस कर रहा है। वीडियो किसी कंस्ट्रक्शन साइट का दिखाई पड़ रहा है।

महिंद्रा ने मजदूर के असाधारण कौशल के लिए प्रशंसा करते हुए ये भी कहा कि ये काम कितना जोखिम भरा था। “किसी को भी इस तरह का जोखिम भरा श्रम नहीं करना चाहिए। लेकिन आपको इस आदमी की कड़ी मेहनत को एक कला के रूप में बदलने के लिए उसकी प्रशंसा करनी होगी। क्या किसी को पता है कि ये कहाँ का है? क्या उनके एंप्लायर उसको कोई ऑटोमेटिक सिस्टम दे सकते है और उनके कौशल को भी पहचान सकते हैं?

महिंद्रा के इस ट्वीट पर लोगों ने कमेंट्स की झड़ी लगा दी। किसी ने कहा कि ऑटोमेटिक सिस्टम आने से मजदूरों का काम छिन जाएगा तो किसी ने मजदूर के कौशल की तारीफ की। इस वीडियो को लोगों ने हजारों बार देखा और रिट्वीट किया।

इसके अलावा आनंद महिंद्रा अक्सर टैलेंटेड लोगों का वीडियो और उनकी तस्वीर अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर करते रहते हैं। पिछले हफ्ते, महिंद्रा ने अपनी मशीन के माध्यम से नारियल पानी बेचने वाले एक विक्रेता का एक वीडियो साझा किया, जो नारियल के अंदर एक छेद ड्रिल करता है। इसके बाद पानी को एक मशीन के जरिए प्लास्टिक के कप में फिल्टर किया जाता है।