आपकी बिरादरी ने सरकारों से पहले ही सवाल क्यों नहीं पूछा? पत्रकार ने अस्पतालों और ऑक्सीजन पर उठाए सवाल तो बोले कुमार विश्वास

कुमार विश्वास ने कहा है कि पत्रकार बिरादरी ने सवाल उस वक्त क्यों नहीं पूछा जब कोविड की पहली लहर भारत में आई थी। दरअसल एक पत्रकार ने भारत को कोविड संकट में विदेशी मदद पर एक टिप्पणी की थी, जिस पर विश्वास ने ये बात कही।

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भारत में कोरोना की त्रासदी को देखते हुए अमेरिका, फ्रांस, यूके समेत कई देश मदद को सामने आए हैं। ये देश विमानों से ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, वेंटीलेटर, जरूरी दवाईयां आदि भारत में पहुंचा रहे हैं। इसी मुद्दे पर पत्रकार संजय ब्राग्ता ने एक ट्वीट किया जिस पर हिंदी के मशहूर कवि कुमार विश्वास ने कहा कि उनकी बिरादरी ने यही सवाल उस वक्त क्यों नहीं पूछा जब कोविड की पहली लहर भारत में आई थी।

दरअसल पत्रकार ने अपने ट्वीट में लिखा था, ‘ये विमानों से आते ऑक्सीजन के विकल्प, दवाई की खेप, जब तक पहुंचेगी लोगों की जान बचाने में इस्तेमाल होगी, तब तक कई परिवार उजड़ चुके होंगे। आखिर पिछले सवा साल में ये हो जाना चाहिए था। अभी हाल ये है कि न टेस्टिंग की पूरी व्यवस्था है, न अस्पताल में बेड है और न बचाने वाली हवा है, न दवा है।’

उनके इस ट्वीट को रीट्वीट करते हुए कुमार विश्वास ने लिखा, ‘सही बात। दुख इस बात का भी है आप सब की बिरादरी ने एकता दिखाते हुए सवा साल में, हर सरकार से ये सवाल बार-बार क्यों नहीं पूछा? ख़ैर अब भी देर नहीं हुई है। गली में चोर घुसता है तो दिनभर रोटियों पर लड़ने वाले कुत्ते भी एक स्वर में उसके ख़िलाफ़ भौंकते हैं। हम तो शायद इंसान हैं ना? बचाइए लोगों को।’

कुमार विश्वास के इस ट्वीट पर यूजर्स भी अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। नागेंद्र शर्मा नाक से एक ट्विटर यूजर ने लिखा, ‘यदि मीडिया अपना काम सही तरीके से करती तो किसी के नाम का चश्मा आज जनता नहीं पहनती। मगर अफ़सोस मीडिया ने आत्मसमर्पण कर दिया जिसके दुष्परिणाम आज सबके सामने हैं।’

आशीष नाम से एक यूजर ने वैक्सीन की कमी पर कुमार विश्वास को जवाब दिया, ‘बीजेपी शासित प्रदेश 18 साल से ऊपर सभी लोगों को वैक्सीन लगाने की बात कर रहे हैं और आज यूपी में सिर्फ 7 जिलों में वैक्सीन लग रही है। सरकार से कोई सवाल क्यों नहीं पूछ रहा कि अगर वैक्सीन की कमी है तो बोल क्यों नहीं रहे। आवाज दो, इससे पहले पूरा देश श्मशान बन जाए।’

रिटू यादव नाम से एक यूजर लिखते हैं, ‘सवा साल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनाव में व्यस्त हैं और अमित शाह राज्यों के विधायक खरीद कर सरकार बना रहे थे तो दवा, ऑक्सीजन कहां से आती। देश हमेशा याद रखेगा भारत में जब कोरोना महामारी फैली हुई थी तब प्रधानमंत्री भाजपा कार्यालय बना रहा था।’