आम लोगों की रसोई का बिगड़ा बजट, एक महीने में तीन गुना से अधिक महंगी हुई सब्जियां

लगातार बढ़ती महंगाई से आम लोगों को राहत मिलने की गुंजाइश नहीं दिख रही है। खाद्य तेलों के भाव पहले से आसमान पर थे। रसोई गैस लगातार महंगा हो रहा है। इस बीच सितंबर में सब्जियों के दाम भी कई गुना बढ़ गए।

Vegetable Prices Rises सितंबर में आलू और प्याज को छोड़ सभी सब्जियों के दाम बढ़े हैं। (Express Photo)

लगातार बढ़ती महंगाई से आम लोगों को राहत मिलने की गुंजाइश नहीं दिख रही है। सरसों तेल समेत सभी खाद्य तेलों (Edible Oil) और रसोई गैस (LPG Cylinder) के दाम पहले से ही आसमान छू रहे हैं। इस बीच एक महीने के भीतर सब्जियों के भाव (Prices of Vegetables) तीन गुना से अधिक बढ़ गए हैं। ऐसे में आम लोगों की रसोई का बजट बिगड़ना तय हो गया है।

सब्जियों के थोक दाम की जानकारी देने वाले पोर्टल Agmarknet.gov.in पर उपलब्ध आंकड़े के अनुसार सितंबर महीने में सब्जियों के थोक भाव तीन गुना से अधिक बढ़े हैं। इस दौरान सिर्फ आलू और प्याज ने आम लोगों को कुछ राहत दी है। इनके दाम सितंबर में नरम हुए हैं।

230 प्रतिशत बढ़े शिमला मिर्च के भाव

पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली की आजादपुर मंडी में शिमला मिर्च का दाम तीन सितंबर को 14.33 रुपये प्रति किलो था। यह बढ़कर 30 सितंबर को 47.50 रुपये प्रति किलो हो गया। इस तरह एक महीने में शिमला मिर्च तीन गुना से अधिक 231.47 प्रतिशत महंगा हो गया है।

टमाटर और बैंगन के भी भाव बढ़े

इस दौरान गोल बैंगन का भाव 7.50 रुपये से बढ़कर 16.80 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया है। टमाटर के दाम भी सितंबर में काफी बढ़े हैं। तीन सितंबर को टमाटर थोक मंडी में 11.14 रुपये प्रति किलो था, जो 30 सितंबर को 21.04 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया।

हरी सब्जियां भी सितंबर में हुईं महंगी

हरी सब्जियां भी इस दौरान महंगी हुई हैं। सितंबर महीने के दौरान करैला 9.50 रुपये से बढ़कर 14.50 रुपये प्रति किलो पर भिंडी का भाव 11 रुपये से बढ़कर 14 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया।

आम लोगों को आलू-प्याज ने दी राहत

रसोई में सबसे ज्यादा यूज होने वाले आलू-प्याज ने इस दौरान कुछ राहत दी है। प्याज सितंबर की शुरुआत में 19.75 रुपये प्रति किलो था, जो महीने अंत में कुछ कम होकर 19 रुपये प्रति किलो पर आ गया। थोक मंडी में आलू इस दौरान 9.86 रुपये से कम होकर 6.96 रुपये प्रति किलो पर आ गया।

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अक्टूबर में कम हो सकते हैं टमाटर के भाव

सब्जी के व्यापारियों का कहना है कि सितंबर के आखिर में हुई बारिश के कारण सब्जियों के दाम बढ़े हैं। डीजल-पेट्रोल की अधिक कीमतों से ट्रांसपोर्टेशन की लागत बढ़ी है। इसने भी सब्जियों को महंगा किया है। व्यापारियों को अक्टूबर में टमाटर के दाम कम होने की उम्मीद है। व्यापारियों ने कहा कि टमाटर की नई फसल की आवक होते ही बाजार में इसके भाव गिरने लगेंगे।