आरोप लगे कि इंदिरा जी से मैंने प्रेस पर पाबंदी के लिए कहा- जब मीडिया ने किया था अमिताभ बच्चन को बॉयकॉट, बोल पड़े थे बिग बी

इमरजेंसी में जब प्रेस पर पाबन्दी लगी तब आरोप लगे कि अमिताभ बच्चन के कहने पर ही फिल्म प्रेस पर पाबंदी लगी है। इसके बाद मीडिया ने उन पर करीब 15 सालों का बैन लगा दिया था।

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हिंदी फिल्म जगत के महानायक कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन को कभी मीडिया ने 15 सालों तक बॉयकॉट कर दिया था। जब देश में इंदिरा गांधी की सरकार ने इमरजेंसी लगा दी तब प्रेस की आजादी पर भी पाबंदियां लगीं। बड़ी- बड़ी फिल्म पत्रिकाओं पर भी बैन लगा दिया गया जिसके बाद मीडिया संस्थानों को काफी नुकसान हुआ। उन दिनों अमिताभ बच्चन और गांधी परिवार के बीच काफी नजदीकियां थी। कयास लगाए जाने लगे कि अमिताभ बच्चन के कहने पर ही प्रेस पर यह पाबंदी लगी है। इसके बाद मीडिया ने अमिताभ बच्चन पर बैन लगा दिया।

अमिताभ बच्चन ने लेहरन नामक मीडिया संस्थान से बातचीत में कहा था कि जब मीडिया ने उन्हें बॉयकॉट किया तब उन्होंने भी मीडिया को बॉयकॉट कर दिया लेकिन बाद में उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ था। अमिताभ बच्चन ने बताया था, ‘फिल्म प्रेस को ऐसा लगा कि इमरजेंसी के वक्त जो प्रेस सेंसरशिप देश भर में हुई थी, उसका कारण मैं था। ऐसा आरोप लगाया गया कि उस जमाने में मैंने इंदिरा जी (इंदिरा गांधी) को कहा था कि देश भर में प्रेस सेंसरशिप होनी चाहिए।’

अमिताभ बच्चन ने कहा कि इस बात में कोई सच्चाई नहीं थी। उन्होंने आगे बताया, ‘फिल्म पत्रिकाओं ने मुझे बैन कर दिया। फिल्मी पत्रिकाओं, अखबारों में मेरी तस्वीरें, खबरें आना बंद हो गईं। फिर मैंने ऐसा सोचा कि अगर प्रेस को ये अधिकार है कि वो मुझे बैन कर दे तो मेरा भी ये अधिकार है कि मैं उन्हें अपने सेट पर न बुलाऊं।’

अमिताभ बच्चन ने यह स्वीकार किया कि उन्हें मीडिया को बैन नहीं करना चाहिए था क्योंकि उन्हें इससे जितना फायदा नहीं हुआ, उससे कहीं अधिक नुकसान उठाना पड़ा था।

उन्होंने बताया था, ‘अब मैं मानता हूं कि वो मेरी भूल थी और एक पब्लिक फिगर होने के नाते हमारा भी कुछ कर्तव्य बनता है। अगर हम संवाद बंद कर देंगे तो वो जनता जिसने हमें बनाया है, हमारे बारे में जान नहीं पाएगी। मीडिया एक पोस्टमैन की तरह है, जब वो बुरी खबर देता है तो हम उस पर इल्जाम नहीं लगा सकते। वो मेरी भूल थी और मैं उस गलती को कबूल करता हूं।’

अमिताभ बच्चन और मीडिया के बीच तनातनी का दौर लंबा चला लेकिन जब 1982 में वो कूली की शूटिंग के दौरान बुरी तरह घायल हो गए तब पुरे देश के साथ मीडिया संस्थानों ने भी उनके ठीक होने की दुआ की। इसके कुछ सालों बाद 1989 में जब बोफोर्स घोटाले में अमिताभ बच्चन का नाम आया तब उन्होंने अपनी फिल्म अजूबा के सेट पर मीडिया वालों की बुलाकर अपनी सफाई दी थी। बाद में अमिताभ बच्चन को बोफोर्स मामले में क्लीन चिट मिल गई थी।