इंग्लैंड में जैव सुरक्षित वातावरण को अभेद्य बनाने में जुटे आयोजक

कहावत है, ‘दूध का जला छाछ भी फूक-फूक कर पीता है।’ ठीक यही हाल आइसीसी टैस्ट चैंपियनशिप फाइनल के आयोजक और इसमें भाग ले रही दोनों टीम प्रबंधकों का है।

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कहावत है, ‘दूध का जला छाछ भी फूक-फूक कर पीता है।’ ठीक यही हाल आइसीसी टैस्ट चैंपियनशिप फाइनल के आयोजक और इसमें भाग ले रही दोनों टीम प्रबंधकों का है। हालांकि न्यूजीलैंड से ज्यादा भारत सतर्क है। हो भी क्यों न, अभी-अभी भारतीय क्रिकेट बोर्ड झटका जो लगा है। कोरोना महामारी ने इंडियन प्रीमियर लीग के बायो बबल को भेदते हुए कुछ खिलाड़ियों को संक्रमित कर दिया। लिहाजा, आइपीएल को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करना पड़ा। अब जब टैस्ट चैंपियनशिप फाइनल में करीब एक महीने का समय बचा है तो इंग्लैंड में आयोजक और भारतीय टीम प्रबंधक कोरोना प्रोटोकॉल को लेकर काफी सजग है। इसी के तहत बीसीसीआइ ने दौरे पर जाने वाले खिलाड़ियों को सख्त निर्देश दिए हैं। बोर्ड ने कहा है कि इंग्लैंड जाने से पहले अगर कोई खिलाड़ी संक्रमित होता है तो उसे अलग से भेजने की व्यवस्था करने के बजाय टीम से बाहर कर दिया जाएगा।

आइसीसी ने दी कड़ी हिदायत

आइपीएल में कई खिलाड़ियों और कर्मचारियों के संक्रमण के शिकार होने के बाद इस लीग को बीच में ही स्थगित कर दिया गया। इससे सबक लेते हुए विश्व टैस्ट चैंपियनशिप फाइनल के आयोजक और भागीदार अपनी ओर से कोई कमी नहीं छोड़ रहे हैं। आइसीसी ने बीसीसीआइ और न्यूजलैंड क्रिकेट बोर्ड को हिदायत दी है कि वे इंग्लैंड में कोरोना के नियमों का सख्ती से पालन करें। साथ ही यह सुनिश्चित करें कि उनके किसी भी खिलाड़ी या कर्मचारी में कोविड का कोई लक्षण नहीं हो। इसके लिए जांच के साथ एकांतवास जैसे तमाम एहतियात बरतें। बीसीसीआइ ने इसी के तहत मुंबई में जैव सुरक्षित माहौल (बायो बबल) बनाने की योजना बनाई है। सूत्रों की मानें तो 19 मई को टीम के खिलाड़ी और कर्मचारी यहां पहुंच कर एकांतवास में रहेंगे। सात दिन के एकांतवास में हर दूसरे दिन कोरोना जांच की जाएगी। आइपीएल से सीख लेते हुए इस बार खिलाड़ियों के मुंबई पहुंचने से पहले ही होटल के सभी कर्मचारी और बस ड्राइवर सहित अन्य कर्मियों को एकांतवास में रखा जाएगा। भारतीय टीम जिस चार्टर्ड विमान से इंग्लैंड के लिए रवाना होगी उसके चालक व कर्मचारी को भी एक सप्ताह के लिए एकांतवास में रखा जाएगा।

अलग-अलग होटलों में करीब दस दिन एकांतवास

सूत्रों के मुताबिक इंग्लैंड पहुंचने के बाद भारत और न्यूजीलैंड के खिलाड़ी अलग-अलग होटलों में करीब दस दिन एकांतवास में रहेंगे। टीम के पहुंचने से पहले होटल के कर्मचारियों को भी एकांतवास और अन्य कोरोना नियमों से गुजरना होगा। हालांकि इस दौरान टीमें होटल के भीतर ही अभ्यास कर सकती हैं। उन्हें बाहर जाने की इजाजत नहीं होगी। सभी की हर दो दिन के अंतराल पर कोरोना जांच की जाएगी। खतरे को भांपते हुए मैच से पहले दोनों टीमों के मैदान के नजदीक ही होटल में रहने की व्यवस्था की जाएगी।

बीसीसीआइ भी सतर्क

इंग्लैंड दौरे पर जाने वाले खिलाड़ी के परिवार की भी कोरोना जांच की जाएगी। साथ ही बोर्ड ने फिलहाल उन्हें सार्वजनिक जगहों से दूरी बनाने की हिदायत दी है। बोर्ड ने खिलाड़ियों को सिर्फ कोवीशील्ड टीके की पहली खुराक लेने का निर्देश दिया है। दूसरी खुराक के लिए वह इंगलैंड से संपर्क में है। दरअसल, इंग्लैंड में एस्ट्रेजेनेका टीके उपलब्ध हैं जो कोवीशील्ड का ही एक वर्जन है। बोर्ड चाहता है कि दौरे पर इंग्लैंड में दूसरे डोज में एस्ट्रेजेनेका उपलब्ध कराया जाए। कप्तान विराट कोहली, अजिंक्य रहाणे, ईशांत शर्मा, चेतेश्वर पुजारा और उमेश यादव पहले ही टीके की पहली खुराक ले चुके हैं। बोर्ड ने कहा कि खिलाड़ी के शहर में टीके नहीं है तो वह उनसे संपर्क कर सकता है।

करीब तीन महीने इंग्लैंड में गुजारेगी भारतीय टीम

भारतीय टीम को करीब तीन महीने इंग्लैंड में गुजारने हैं। इस लिहाज से बीसीसीआइ पूरी तैयारी पहले से ही कर रहा है। 18 जून से 22 जून तक टैस्ट चैंपियनशिप का फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। इसके बाद करीब डेढ़ महीने भारत की टीम इंग्लैंड में गुजारेगी। इसके बाद चार अगस्त से यहां मेजबान के खिलाफ टैस्ट शृंखला की शुरुआत होगी। इस दौरान महिला टीम भी इंग्लैंड का दौरा करेगी। ऐस् में बोर्ड खुद से बायो बबल तैयार करने में जुटा है। फिलहाल वह इंग्लैंड की सरकार से 14 दिन के सख्त एकांतवास के नियमों ढील की मांग कर रहा है। वह चाहता है कि 14 दिन की जगह 10 एकांतवास की छूट मिले।