इतने लोग मारे गए और शाह राजस्थान में सरकार गिराने की बात कर रहे थे, कांग्रेस के आरोप पर बीजेपी प्रवक्ता करने लगे 1958 की बात

नागालैंड सरकार ने गोलीबारी मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति बनाई है और जांच के लिए एक महीने का समय दिया गया है।

नागालैंड में सुरक्षाबलों की गोलीबारी में 14 लोगों की मौत के बाद हालात काफी तनावपूर्ण हैं। (फोटो: पीटीआई)

नागालैंड में सुरक्षाबलों की गोलीबारी में 14 नागरिकों की मौत के बाद वहां के हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। नागालैंड में उपजे तनाव पर चर्चा के दौरान जब कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि इतने लोगों के मारे जाने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राजस्थान में सरकार गिराने की बात कर रहे थे तो भाजपा प्रवक्ता 1958 की बात करने लगे।

आजतक न्यूज चैनल पर एंकर अंजना ओम कश्यप के शो के दौरान कांग्रेस प्रवक्ता डॉ अजय कुमार ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि ये लोग राग गा रहे हैं कि हम बहुत चिंतित है। लेकिन यही गृहमंत्री घटना के बाद राजस्थान में सरकार को गिराने के लिए वहां बैठ गए और भाषण दे रहे थे। साथ ही उन्होंने कहा कि ये ढ़ोंगी राष्ट्रवादी के अनुयायी लोगों से एक अनुरोध है कि आप कम से कम अफस्पा को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दीजिए।

इसके जवाब में भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि ढोंगी कौन है ये बताना जरूरी है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस प्रवक्ता से सवाल पूछते हुए कहा कि साल 1958 में अफस्पा कौन लाया था? कांग्रेस पार्टी लाई थी। 32 साल तक अरुणाचल के नौ जिलों में अफस्पा लगी रही। ज्यादातर समय आपका शासन था। आप नहीं हटा पाए लेकिन हमने हटाकर दिखाया और स्थिति बेहतर की। यूपीए के समय में 1528 फेक एनकाउंटर हुए। 

बता दें कि शनिवार शाम को नगालैंड के मोन जिले में कोयला खदान मजदूर एक पिकअप वैन में सवार होकर घर लौट रहे थे। तभी उग्रवादियों की गतिविधि की सूचना मिलने के बाद मोर्चा लगाकर बैठे सेना के जवानों ने ग़लतफ़हमी में मजदूरों पर गोलीबारी कर दी। इसमें छह लोगों की मौत हो गई। घटना से नाराज स्थानीय लोगों की झड़प सेना के जवानों के साथ हो गई। बाद में सुरक्षाबलों की ओर से की गई गोलीबारी में करीब 14 लोगों की मौत हो गई।

नागालैंड सरकार ने इस मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति बनाई है और जांच के लिए एक महीने का समय दिया गया है। यह समिति एडीजीपी संदीप तामगाडगे की देखरेख में इस मामले की जांच करेगी और एक महीने के अंदर अपनी जांच करेगी। राज्य सरकार की तरफ से बनाई गई समिति में आईपीएस एल जमीर, आईपीएस रूपा एम, आईपीएस मनोज कुमार, राज्य पुलिस सेवा के किलांग वालिंग और रेलो आए को शामिल किया गया है।