इमरजेंसी के दौरान देव आनंद ने इंदिरा गांधी के विरोध में निकाली थी रैली, बाद में बनाई थी खुद की पार्टी; ये थी वजह

देव आनंद ने आपातकाल के दौरान इंदिरा गांधी के विरोध में रैलियां निकालीं और जमकर उनकी आलोचना की थी। बाद में उन्होंने खुद की पार्टी, नेशनल पार्टी ऑफ इंडिया बनाई थी जिसकी समर्थक जवाहरलाल नेहरु की बहन विजयलक्ष्मी पंडित भी थीं।

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हिंदी फिल्म के इतिहास में देव आनंद का नाम सुनहरे अक्षरों में लिखा गया है। उन्होंने न सिर्फ फिल्मों के जरिए समाज को आयाम देने की कोशिश की बल्कि सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ भी अपनी आवाज बुलंद की। इमरजेंसी के दौरान जब अधिकतर एक्टर्स ने सरकार के खिलाफ ने जाने को चुना, देव आनंद इंदिरा गांधी के विरोध में खड़े हो गए थे। उन्होंने इंदिरा गांधी के विरोध में रैलियां निकालीं और जमकर उनकी आलोचना की थी।

आपातकाल के दौरान देव आनंद से संजय गांधी और युवा कांग्रेस की तारीफ में ऑल इंडिया रेडियो पर कुछ शब्द कहने के लिए कहा गया। देव आनंद ने ऐसा करने से इंकार कर दिया था। उन्होंने कहा था कि इसके लिए उनका जमीर इजाजत नहीं देता। इस विरोध का उन्हें खामियाजा भी भुगतना पड़ा।

देव आनंद की फिल्मों को टेलीविजन पर चलाने से रोक दिया गया। ऑल इंडिया रेडियो पर भी उनके गाने चलाने और उनका नाम लेने पर पाबंदी लगा दी गई। देव आनंद इस बात से काफी खफा थे। अपने समर्थकों के साथ मिलकर उन्होंने इंदिरा गांधी के खिलाफ रैलियां निकाली और उनके विरोध में प्रदर्शन किए।

जब 1977 में आम चुनावों की घोषणा हुई तब देव आनंद ने जनता पार्टी की तरफ से इंदिरा गांधी के विरुद्ध चुनाव प्रचार किया। इसके लिए उन्हें वकील राम जेठमलानी ने राजी किया था। लेकिन कुछ समय बाद जनता पार्टी से वो दूर हो गए और 1980 में खुद की पार्टी नेशनल पार्टी ऑफ इंडिया बना ली।

देव आनंद ने एबीपी न्यूज से बातचीत में पार्टी बनाने के पीछे की वजह बताई थी, ‘हम निराश हो गए थे। इमरजेंसी के दौरान मैंने काम किया था। इमरजेंसी चली गई और जनता पार्टी की सरकार बनी। 3 सालों के बाद फिर से चुनाव हुए। हम जनता सरकार से नाराज़ हो गए कि हमने इनको सपोर्ट की और ये कुर्सी के पीछे पड़े हैं। देश के लिए कुछ कर नहीं रहे।’

उन्होंने बताया कि इंडस्ट्री के कुछ लोगों की मदद से उन्होंने पार्टी बनाई थी। पार्टी के गठन की घोषणा 4 सितम्बर 1979 को मुंबई के ताज होटल में हुए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की गई। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान पार्टी के समर्थन में वी शांताराम, रामानंद सागर, श्रीराम वोहरा, आत्म राम, हेमा मालिनी, शत्रुघ्न सिन्हा और संजीव कुमार आदि शामिल थे।

पार्टी को जवाहरलाल नेहरु की बहन विजयलक्ष्मी पंडित का भी समर्थन प्राप्त था। देव आनंद की पार्टी का मुख्यालय वी शांताराम के मुंबई के परेल स्थिति राजकमल स्टूडियो में बना। हालांकि यह पार्टी जल्द ही खत्म हो गई।