इमेज बनाने से ज्यादा ज़रूरी लोगों की जान बचाना है- अनुपम खेर ने की मोदी सरकार की आलोचना; लोग करने लगे ऐसे कमेंट

अनुपम खेर ने नरेंद्र मोदी सरकार की आलोचना की है और कहा है कि कोविड से लड़ने में सरकार कहीं न कहीं नाकाम रही है। उनके इस टिप्पणी पर सोशल मीडिया यूजर्स जमकर रिएक्शन दे रहे हैं और अनुपम खेर ट्विटर पर ट्रेंड कर रहे हैं।

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अभिनेता अनुपम खेर अक्सर नरेंद्र मोदी सरकार की नीतियों की तारीफ करते नजर आए हैं। ऐसे वक्त में जब देश कोविड महामारी की विभीषिका झेल रहा है और लोग सोशल मीडिया पर केंद्र सरकार की आलोचना कर रहे हैं, हाल ही में उन्होंने ट्वीट कर कहा था कि आएगा तो मोदी ही। लेकिन अब अनुपम खेर ने नरेंद्र मोदी सरकार की आलोचना की है और कहा है कि कोविड से लड़ने में सरकार कहीं न कहीं नाकाम रही है। उनके इस टिप्पणी पर सोशल मीडिया यूजर्स जमकर रिएक्शन दे रहे हैं और अनुपम खेर ट्विटर पर ट्रेंड कर रहे हैं।

अनुपम खेर ने टेलीविजन चैनल एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि सरकार को अपनी इमेज बनाने से ज्यादा जान बचाने पर ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘कहीं न कहीं वो (सरकार) नाकाम हुए हैं..इस वक्त उन्हें ये समझना चाहिए कि इमेज बनाने से ज्यादा जरूरी लोगों की जान है।’

अनुपम खेर ने यह भी कहा कि इस वक्त सरकार की आलोचना जायज है। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि आलोचना कई मामलों में जायज है और सरकार को वो काम करना चाहिए जिसके लिए लोगों ने उसे चुना है। मुझे लगता है कि तैरते हुए शवों से कोई निर्दयी इंसान ही प्रभावित नहीं होगा। लेकिन दूसरी राजनीतिक पार्टियां जो इसे अपने लाभ के लिए इस्तेमाल कर रहीं हैं वो भी ठीक नहीं है।’

अनुपम खेर कई मौकों पर यह जताते आए हैं कि वो बीजेपी समर्थक हैं और उनकी पत्नी किरण खेर भी बीजेपी सांसद हैं, ऐसे में उनका यह बयान लोगों का ध्यान खींच रहा है और लोग खूब प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई लोग लिख रहे हैं कि भले ही अनुपम खेर मोदी की आलोचना कर रहे हैं लेकिन उनके मन में ‘आएगा तो मोदी ही’ चल रहा है।

नेर नाम से एक यूजर ने लिखा, ‘कोविड में मोदी सरकार अपनी इमेज बनाने में लगी है, अनुपम खेर की इस टिप्पणी के भुलावे में मत आना, अंदर ही अंदर वो चिल्ला रहे होंगे- आएगा तो मोदी ही।’ अंसार नाम से एक यूजर ने लिखा, ‘जब प्लेन क्रैश करने वाली होती है तो कोई भी सामने नहीं आना चाहता। अनुपम खेर का मोदी सरकार की आलोचना करना उसका एक उदाहरण है।’

वेद नाम से एक यूजर ने लिखा, ‘अब तो चेतन भगत और अनुपम खेर ने बोलना शुरू कर दिया है। प्रोपेगंडा काम नहीं आ रहा।’ अमरास नाम से एक यूजर लिखते हैं, ‘जब अनुपम खेर भी विरोध में बोलने लग जाएं तो समझ लीजिए कि सरकार ने बेहद खराब काम किया।’

अक्षय नाम के एक यूजर ने व्यंगात्मक अंदाज में लिखा, ‘लगता है अनुपम खेर ने एनडीटीवी को इंटरव्यू देने से पहले एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर देख लिया है। वो अभी तक मनमोहन सिंह जी के किरदार में ही हैं जो सरकार की आलोचना कर रहे हैं।’