इस देश के 60 फ़ीसदी से ज़्यादा लोग ले चुके हैं टीका, फिर भी बढ़ रहा कोरोना संक्रमण; मौजूदा मरीज़ों में से एक-तिहाई लगवा चुके हैं वैक्सीन

दुनिया के सबसे अधिक टीकाकरण करने वाले देशों में से एक सेशेल्स को भी कोविड -19 के प्रकोप का सामना करना पड़ रहा है।

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दुनिया के सबसे अधिक टीकाकरण करने वाले देशों में से एक सेशेल्स को भी कोविड -19 के प्रकोप का सामना करना पड़ रहा है। जहां एक ओर दुनिया के कई देशों में कोरोना के टीकों की कमी देखी जा रही है। वहीं सेशेल्स ने अपनी 61.4% आबादी का टीकाकरण कर लिया है। लेकिन देश में कोरोना के मामले अभी भी सामने आ रहे हैं। पिछले एक महीने में, देश में मामलों की संख्या बढ़ रही है। गौरतलब है कि सेशेल्स की आबादी 98 हजार है। बढ़ते मामलों के चलते यहां सरकार को कई प्रतिबंध लगाने पड़े हैं। गुरुवार को जारी आंकड़ों से पता चलता है कि देश में अभी 2,700 से अधिक सक्रिय मामले हैं।

देश के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान सक्रिय मामलों में से 33% मामले ऐसे हैं जहां पूरी तरह से टीकाकरण किया गया था। अब सवाल ये खड़ा हो रहा है कि क्या दुनिया के देश खुद को महामारी से टीकाकरण की मदद से बाहर निकाल सकते हैं? हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि सेशेल्स के मामले इस बात का संकेत नहीं है कि टीके काम नहीं कर रहे हैं। हालांकि इससे साफ है कि टीकाकरण वाले देश भी लापरवाही नहीं बरत सकते हैं।

एक महीने से भी अधिक समय पहले, सेशेल्स कोविड -19 से निपटने को लेकर इतना आश्वस्त था कि उसने अधिकांश पर्यटकों के लिए प्रतिबंध हटा दिए थे। कुछ मामलों और एक बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान के साथ देश ने अपनी सीमाओं को लगभग सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए फिर से खोल दिया था।

किसी भी व्यक्ति को नेगेटिव कोरोना टेस्ट रिपोर्ट के साथ बिना क्वारंटीन के देश में प्रवेश की इजाजत दे दी गई थी। इस फैसले के लिए जाने तक देश में 3,800 से कम मामले और सिर्फ 16 मौतें हुई थीं। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जारी आंकड़ों के अनुसार, तब से कुल मामले दोगुने से अधिक 9,184 हो गए और 32 लोगों की मौतें हो चुकी हैं।

देश के विदेश मंत्री सिल्वेस्टर राडेगोंडे ने कहा है कि यह स्पष्ट नहीं है कि कोरोना किस वजह से फैला। मुमकिन है कि कोरोना पहले से देश में था। मंत्री ने कहा कि बेहतर कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और टेस्टिंग ने भी अधिकारियों को अधिक मामलों के बारे में पता लगाने में मदद की। मंत्री ने कहा कि देश में पिछले कुछ महीनों में, टीकाकरण के बाद, लोगों ने पाया कि कोई भी संक्रमित हो रहा है तो गंभीर रूप से बीमार नहीं हो रहा है। कोई मर नहीं रहा है। किसी को बहुत अधिक जटिलताएं नहीं हो रही हैं। इसके बाद लोगों ने पार्टी करनी शुरू कर दी। लोगों ने सावधानी बरतना छोड़ दिया।

बता दें कि सेशेल्स में लोगों को सिनोफार्म और कोविशील्ड वैक्सीन लगाई गई हैं। 57% लोगों को सिनोफार्म जबकि 43% लोगों को कोविशील्ड लगाई गई।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि जिन लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था उनमें से लगभग 20% को टीका लगाया गया था, लेकिन उनके मामले गंभीर नहीं थे। गहन देखभाल की आवश्यकता वाले लगभग किसी भी मामले और गंभीर मामलों का टीकाकरण नहीं किया गया था और जिस किसी को भी टीका लगाया गया है, उसकी मृत्यु कोविड -19 से नहीं हुई है। निष्कर्ष यह है कि टीके लोगों की रक्षा कर रहे हैं। जिन लोगों को टीका लगाया गया है, उनमें कोई जटिलता नहीं है।

सेशेल्स के उदाहरण से ये साफ है कि टीकाकरण समस्या का पूरा समाधान नहीं है। देशों को नए वेरिएंट और ट्रांसमिशन से सावधान रहने की जरूरत है। हमें अभी भी सोशल डिस्टेंसिंग को बनाए रखने की जरूरत है और ताजी हवा और मास्क कोरोना को रोकने में काफी कारगर हैं। दुनिया को अभी कुछ समय तक कोविड के साथ रहना होगा।