इस देश में जितनी मस्जिद है, उतनी पूरे पाकिस्तान में नहीं होगी- पैनलिस्ट पर भड़के अमिश देवगन, संबित पात्रा बोले ‘शर्म करो’

अफ़गानिस्तान मुद्दे पर पैनलिस्ट की टिप्पणी से शो के एंकर अमिश देवगन भड़क गए। संबित पात्रा ने भी कहा कि भारत की तुलना तालिबान से करने वालों को शर्मा आनी चाहिए।

sambit patra, amish devgan, taliban संबित पात्रा पैनलिस्ट की बात पर भड़क गए (File Photo)

अफ़ग़ानिस्तान पर तालिबान की जीत से देश में मानवाधिकार को लेकर चिंता जताई जा रही है। अफ़गानिस्तान में फंसे विदेशी और बाद बड़ी संख्या में अफगान नागरिक भी देश छोड़ने की कोशिश में हैं। अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान के सत्तासीन होने के बाद से मची अफरातफरी पर टीवी डिबेट में काफी बहस देखने को मिल रही है। न्यूज 18 इंडिया के डिबेट में शो में इसी मुद्दे पर पैनलिस्ट शोएब जमई की टिप्पणी पर शो के एंकर अमिश देवगन भड़क गए। भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने भी कहा कि भारत की तुलना तालिबान से करने वालों को शर्मा आनी चाहिए।

अमिश देवगन के शो, ‘आर पार’ में बोलते हुए जन अधिकार पार्टी के प्रवक्ता शोएब जमई ने बीजेपी सरकार की हिंदू राजनीति की आलोचना की और तालिबान से उसकी तुलना कर दी। उन्होंने कहा कि बीजेपी भारत में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध पर कुछ नहीं बोलती और तालिबान की बात कर रही है।’

अमिश देवगन ने कहा, ‘क्या आपको नहीं लगता कि भारत ने आपको इतना कुछ दिया, आपने सीएए विरोध में महीनों सड़क जाम करके रखा। सुप्रीम कोर्ट के कहने के बाद भी सड़क खाली नहीं किया और आप भारत की तुलना तालिबान से कर रहे हैं। कितनी बंदूकें, कितनी गोलियां चलीं इस देश के अंदर बताइए? किसानों के नाम पर एक राजनीतिक वर्ग ने, एक विचारधारा ने सड़क को जाम करके रखा है, कितनी बंदूक और गोलियां चल गईं?’

वो गुस्से में आगे बोले, ‘और आप तुलना कर रहे हैं कि हमारा देश तालिबान के बराबर आकर खड़ा हो गया है। हमारी सोच तालिबानी है। तालिबानी सोच उस देश की है जहां एक भी मंदिर नहीं बचा। आप मुझे बताइए कौन सी मस्जिद तोड़ी गई देश के अंदर? सुप्रीम कोर्ट ने राम लला का मंदिर बनवाया, सुप्रीम कोर्ट पर आपको विश्वास नहीं? इस देश के अंदर कितनी मस्जिदें हैं उतनी तो पाकिस्तान और अफगानिस्तान में नहीं है।’

वहीं शोएब जमई की बातों पर संबित पात्रा ने कहा, ‘जो लोग तालिबान से तुलना कर रहे हैं वो हिंदुस्तान को बेचने की कोशिश कर रहे हैं। यही लोग बोल रहे हैं कि सबको वीजा देकर भारत में रखिए, रोहिंग्या को लाइए। क्यों? ये हिंदुस्तान अगर आतंकी देश है, भगवा अगर आतंकी रंग है, अगर हिंदुस्तान आज तालिबान के पजामे में छिपने लायक देश है तो आप क्यों चाहते हैं कि अफगानिस्तान से लोग आकर इस कट्टर देश में रिफ्यूजी बनकर रहें? शर्म नहीं आती?