ई-कॉमर्स में भी RIL को नंबर 1 बनाना चाहते हैं मुकेश अंबानी, जस्ट डायल के साथ ‘सुपर ऐप’ लॉन्च करने की तैयारी

वर्तमान में, रिलायंस ऑनलाइन किराना रिटेल के लिए Jiomart और मोबाइल एप्लिकेशन ऐप My Jio की सुविधा देता है।

Google,Facebook, RIL,Mukesh Ambani RIL के प्रमुख मुकेश अंबानी (एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज कथित तौर पर सर्च इंजन ‘जस्ट डायल’ को शामिल करते हुए एक सुपर ऐप बनाने की योजना बना रही है। मालूम हो कि कंपनी ने जस्ट डायल का हाल ही में अधिग्रहण किया था। माना जा रहा है कि रिलायंस का मकसद ई-कॉमर्स स्पेस में नंबर एक खिलाड़ी बनना है।

वर्तमान में, रिलायंस ऑनलाइन किराना रिटेल के लिए Jiomart और मोबाइल एप्लिकेशन ऐप My Jio की सुविधा देता है। कंपनी का मकसद वन स्टॉप सुपर ऐप तैयार करना है। जिसमें इन-हाउस तकनीक और थर्ड पार्टी के जरिए बहुत सी सेवाएं और ऑफर मिलेंगे। ऐप के अंतिम स्वरूप पर काम किया जा रहा है और जैसे ही सरकार ई-कॉमर्स नीति पर स्पष्टता की घोषणा करेगी, ऐप को लॉन्च किया जाएगा।

मालूम हो कि रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (आरआरवीएल) ने पिछले महीने जस्टडायल में बहुमत हिस्सेदारी 3,497 करोड़ रुपये में हासिल की थी। उन्होंने कहा कि ऐप को चीन के सबसे लोकप्रिय सोशल कॉमर्स प्लेटफॉर्म वीचैट की तर्ज पर फेसबुक के स्वामित्व वाले व्हाट्सएप के साथ भी एकीकृत किया जाएगा।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के करीबी अधिकारियों ने कहा कि समूह स्पष्ट है कि उसे उत्पादों और सेवाओं के क्षेत्र में हर संभव आवश्यकता के लिए उपभोक्ताओं तक पहुंचना है।

‘इकोनॉमिक टाइम्स’ ने कंपनी के एक अधिकारी के हवाले से कहा, “सुपर ऐप सिर्फ एक फैंसी शब्द है। इसे कोई भी कहे, यह उपभोक्ताओं को छूने और उनकी हर एक आवश्यकता को पूरा करने के बारे में है।” “उपभोक्ताओं तक पहुँचने के लिए योजना या रणनीति के संदर्भ में कुछ भी साफ नहीं किया जाता है। Jio ने वर्षों पहले दूरसंचार के साथ यात्रा शुरू की थी और अब इसे बढ़ा रहा है और उपभोक्ताओं तक पहुंचने वाले हर रास्ते का इस्तेमाल कर रहा है। ”

एक अन्य एग्जिक्यूटिव ने ईटी को बताया, ‘निर्देश स्पष्ट है कि रिलायंस को ईकॉमर्स स्पेस में नंबर वन प्लेयर होना चाहिए और इसे हासिल करने के लिए एक्विजिशन और पार्टनरशिप की योजना लंबे समय से बनाई गई है। हम उसी के मुताबिक निवेश कर रहे हैं।’

शीर्ष अधिकारियों ने कहा कि रिलायंस अपनी ईकॉमर्स रणनीति में कई हजार करोड़ रुपये का निवेश कर रहा है, जिसमें प्रतिस्पर्धा को खत्म करने और नंबर 1 खिलाड़ी बनने का स्पष्ट निर्देश है।