उत्तर प्रदेश में भाजपा का बड़ा प्लान, चुनाव से पहले ‘जाति आधारित’ 200 रैलियां कर सकती है पार्टी

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव अगले साल की शुरुआत में होने हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने कुल 403 विधानसभा सीटों में से 325 सीटें जीती थीं। सपा ने 54, बसपा ने 19 सीटें जीती थीं।

pm narendra modi, cm yogi adityanath प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ (फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस)

उत्तर प्रदेश में सत्ता पर फिर से काबिज होने के लिए बीजेपी कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ना चाहती है। फिलहाल थिंक टैंक की नजर ओबीसी वोटर्स पर है। यही वजह है कि सीएम योगी ने अपने मंत्रिमंडल में एससी, ओबीसी तबके से जुड़े 29 नेताओं को जगह दी है, लेकिन पार्टी एक कदम आगे जाकर इस समुदाय को रिझाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाएगी। इसके लिए सूबे में 200 रैलियां करने की योजना बनाई गई है।

यूपी में 50 फीसदी से अधिक ओबीसी मतदाताओं की आबादी है, जिनमें यादव और अन्य ओबीसी जातियां हैं। यह ओबीसी समुदाय राज्य में सबसे प्रभावशाली समुदायों में से एक है। हालांकि भारतीय जनता पार्टी को पिछले चुनावों में इस ओबीसी समुदाय का समर्थन मिला था, लेकिन बीजेपी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि ओबीसी समुदाय 2022 के विधानसभा चुनावों में भी भाजपा का समर्थन करता रहे। इस समुदाय पर बीजेपी का ज्यादा फोकस इसलिए भी है, क्योंकि मायावती ब्राह्मण वोटरों में सेंधमारी की कोशिश में जुटी हुई हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी व योगी आदित्यनाथ की मंत्रिपरिषद के हालिया विस्तार में ओबीसी समुदायों के कई नेताओं को शामिल किया गया। केंद्र में गैर यादव समुदाय के नेताओं, अनुप्रिया पटेल और पंकज चौधरी जैसे कुर्मियों को भी शामिल किया गया। वहीं योगी ने भी इस बात का ख्याल रखा है कि समुदाय के लोगों की नाराजगी उन्हें सरकार में ज्यादा प्रतिनिधित्व देकर दूर की जा सके। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव अगले साल की शुरुआत में होने हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने कुल 403 विधानसभा सीटों में से 325 सीटें जीती थीं। सपा ने 54, बसपा ने 19 सीटें जीती थीं।

सूत्रों का कहना है कि 200 रैलियों को करने की शुरुआत नवरात्र में होगी। नवंबर तक ये चलती रहेंगी। इनमें खास ख्याल रखा जाएगा कि जाति विशेष को रिझाने के लिए उनसे जुड़े नेताओं से रैलियों को संबोधित कराया जाए। जरूरत पड़ी तो केंद्र से भी नेताओं को रैलियों में उतारा जाएगा। यूपी में विधानसभा की 403 सीटें हैं। यानि हर दो असेंबली सीटों पर एक रैली की जाएगी। रैलियों में जाति विशेष को रिझाने के लिए जोर दिया जा रहा है। मतलब, मल्लाह प्रयाग राज से लेकर बनारस तक फैले हुए हैं। उनके लिए रैली या तो प्रयागराज में आयोजित होगी या फिर बनारस में।

इसी तर्ज पर सैनी, प्रजापति, राजभर व कुर्मी जैसी अनेक ओबीजी जातियों के लिए रैलियां आयोजित करने की योजना है। इन रैलियों को सीएम योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएण केशव प्रसाद मौर्य, पार्टी अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के अलावा यूपी के प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान भी संबोधित करेंगे। रैलियों को मकसद ओबीसी वोटरों के साथ तबके के ऐसे नेता भी होंगे जिनका किसी पार्टी विशेष से कोई खास लेना देना नहीं है।