उमर अब्दुल्लाह ने UP को बताया नया जम्मू कश्मीर- लोग बोले, क्या आप मानते हैं प्रदर्शनकारी आतंकियों की तरह कर रहे हैं काम

आईजी (लखनऊ) लक्ष्मी सिंह ने इंडियन एक्सप्रेस को जानकारी दी कि, शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की सहमति बन गई है। इनका पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल द्वारा वीडियोग्राफी के साथ किया जाएगा।

omar abdullah तालिबान के साथ बातचीत पर उमर अब्दुल्ला ने मांगा सरकार से स्पष्टीकरण (फाइल फोटो)

लखीमपुर खीरी में किसान प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा से यूपी में बने हालात को लेकर जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने यूपी को ‘नया जम्मू कश्मीर’ बताया है। हालांकि उनके इस ट्वीट पर लोग उनसे ही सवाल पूछने लगे। विकास सिंघल(@Vikash_singhal5) नाम के एक यूजर ने उमर अब्दुल्लाह के ट्वीट पर लिखा कि, “क्या आप मानते हैं प्रदर्शनकारी आतंकियों की तरह कर रहे हैं काम?”

वहीं सुदीप यादव(@sudip_ind) नाम के एक ट्विटर यूजर ने लिखा कि, “नहीं सर जी, यहाँ धर्म परिवर्तन ना करने पर किसी को जबरन प्रदेश छोडने के लिए मजबूर नही किया जा रहा है।”

इसके अलावा उमर अब्दुल्ला के ट्वीट को समर्थन देते हुए साहिल अब्बास(@sahi1abbass) ने लिखा कि, “मैं आपसे सहमत हूं।”

बता दें कि लखीमपुर खीरी मामले को लेकर अब राजनीति तेज हो गई है। विपक्षी दलों के तमाम नेता लखीमपुर जाकर पीड़ित परिवारों से मिलने की कोशिश में हैं। लेकिन प्रशासन ने किसी को भी इजाजत नहीं दी है। ऐसे में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रमुख अखिलेश यादव को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

मुआवजे का ऐलान: वहीं आईजी (लखनऊ) लक्ष्मी सिंह ने इंडियन एक्सप्रेस को जानकारी दी कि, शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की सहमति बन गई है। इनका पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल द्वारा वीडियोग्राफी के साथ किया जाएगा। सिंह ने बताया कि जान गंवाने वाले किसानों के परिवार को 40 लाख रुपये धनराशि दी जाएगी और साथ ही 5 लाख रुपये का बीमा भी मिलेगा। उन्होंने बताया कि हमने उन्हें निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।

क्या था मामला: बता दें कि रविवार को यूपी के लखीमपुर खीरी में किसान सूबे के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के दौरे का विरोध कर रहे थे। उन्होंने गांव के मैदान में बने हेलिपैड पर कब्जा जमा लिया था। उप मुख्यमंत्री को काला झंडा दिखाने के लिए किसान सड़क पर खड़े थे। संयुक्त किसान मोर्चा का आरोप है कि लखीमपुर खीरी के सांसद और गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे ने किसानों पर कार चढ़ा दी। जिसके चलते चार किसानों की मौत हो गई।

वहीं गृह राज्यमंत्री मिश्रा ने पीटीआई को जानकारी दी कि किसानों के प्रदर्शन में शामिल कुछ तत्वों ने भाजपा के तीन कार्यकर्ताओं समेत एक चालक को पीट-पीट कर मार डाला। अपने बेटे की मौजूदगी को लेकर उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर मेरा बेटा मौजूद नहीं था। बता दें कि इस मामले में कुल 8 लोगों की मौत हुई है।