उमा भारती बोलीं, ब्यूरोक्रेसी कुछ नहीं होती, उठाती है हमारी चप्पल, कहा- वो हमें नहीं बल्कि हम उन्हें चलाते हैं

वीडियो में पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती अपने आसपास मौजूद लोगों से कहती हुई दिखाई दे रही हैं कि ब्यूरोक्रेसी कुछ नही होती, चप्पल उठाने वाली होती है। हम लोग ही राजी हो जाते हैं उसके लिए।

भाजपा नेत्री उमा भारती ने ब्यूरोक्रेसी के बारे में विवादित बयान देते हुए कहा कि ब्यूरोक्रेसी कुछ नहीं होती है, वो हमारी चप्पल उठाती है। (एक्सप्रेस फोटो)

भाजपा नेत्री और मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कार्यपालिका को लेकर एक विवादास्पद बयान दिया है। उमा भारती ने कहा है कि ब्यूरोक्रेसी कुछ नहीं होती है, वो हमारी चप्पल उठाती है। वो हमें नहीं चलाते हैं बल्कि हम ही उन्हें चलाते हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बीते शनिवार को जातिगत जनगणना और प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण के मुद्दे को लेकर ओबीसी संगठनों का एक प्रतिनिधि मंडल उमा भारती से मिलने उनके भोपाल स्थित आवास पर पहुंचा था। ओबीसी संगठनों के लोगों से ही मुलाकात के दौरान उन्होंने ब्यूरोक्रेसी के बारे में विवादास्पद बयान दे दिया। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हो रहा है।

वायरल वीडियो में पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती अपने आसपास मौजूद लोगों से कहती हुई दिखाई दे रही हैं कि ये नेता ही घूमने देते हैं, ऐसे आपको गलतफहमी है, ब्यूरोक्रेसी कुछ नही होती, चप्पल उठाने वाली होती है। चप्पल उठाती है हमारी। हम लोग ही राजी हो जाते हैं उसके लिए। क्योंकि हमें समझाया जाता है अलग से कि आपका बहुत बड़ा चक्कर पड़ जाएगा, अगर ऐसा हो गया तो।

वीडियो में आगे उमा भारती कहती हैं कि आपको क्या लगता है, ब्यूरोक्रेसी नेता को घुमाती है? नहीं-नहीं, अकेले में बात हो जाती है पहले, फिर ब्यूरोक्रेसी फाइल बनाकर लाती है। हमसे पूछिए 11 साल केंद्र में मंत्री रहे हैं, मुख्यमंत्री रहे हैं। पहले हमसे बात होती है, डिस्कशन होता है, फिर फाइल प्रोसेस होती है. इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि हम उन्हें तनख्वाह दे रहे हैं। हम ही उन्हें पोस्टिंग दे रहे हैं, प्रमोशन और डिमोशन भी हम ही दे रहे हैं। उनकी कोई औकात नहीं है। सच बात यह है कि हम ब्यूरोक्रेसी के बहाने अपनी राजनीति करते हैं।

इस दौरान उन्होंने निजी क्षेत्र में भी आरक्षण देने की वकालत की। ओबीसी संगठनों से मुलाक़ात के दौरान उमा भारती ने कहा कि आरक्षण में धरा क्या है, जबतक प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण नहीं मिलेगा तो आपको क्या मिलेगा। सब कुछ प्राइवेट सेक्टर को सौंप दिया गया है। आपके पास बचा क्या है। अब आपको प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण मिलना चाहिए।