ऋतिक रोशन, कैटरीना कैफ के नए ज़ोमैटो एड की हुई थी आलोचना, अब कंपनी ने दी सफाई

ऋतिक रोशन और कैटरीना कैफ के ज़ोमैटो एड की काफी आलोचना हुई है। आलोचनाओं के बीच अब ज़ोमैटो ने एक बयान जारी कर अपने एडवरटाइजमेंट कैंपेन पर सफाई दी है।

hrithik roshan, zomato ad, katrina kaif ज़ोमैटो के विज्ञापन में ऋतिक रोशन (Photo-Hrithik Roshan/Twitter)

फूड डिलीवरी कंपनी ज़ोमैटो के हालिया विज्ञापन, जिनमें ऋतिक रोशन और कैटरीना कैफ दिखे हैं, पर विवाद हो गया। लोगों ने जोमैटो के वर्कर्स की ख़राब स्थिति पर सवाल उठाने शुरू कर दिए थे। सोशल मीडिया पर कहा गया कि ज़ोमैटो अपने फूड डिलीवरी करने वाले कर्मचारियों को इतनी सख्त डेड लाइन देता है कि वो एक सेल्फी के लिए 30 सेकेंड भी नहीं रुक सकते। इन सभी आलोचनाओं के बीच अब ज़ोमैटो ने एक बयान जारी कर अपने एडवरटाइजमेंट कैंपेन पर सफाई दी है।

ज़ोमैटो ने अपने बयान को ट्विटर पर शेयर किया है जिसमें कंपनी की तरफ़ से बताया गया है कि सोशल मीडिया पर जब कंपनी वर्कर्स के वेतन आदि को लेकर चर्चा शुरू भी नहीं हुई थी उससे पहले ही इन विज्ञापनों की अवधारणा तैयार की गई थी और ये विज्ञापन 2 महीने पहले शूट हुए हैं।

कंपनी की तरफ़ से जारी बयान में आगे लिखा गया, ‘हमने इन बातों को ध्यान में रखते हुए इन विज्ञापनों को शूट किया- डिलीवरी पार्टनर्स को विज्ञापन का हीरो बताया जाए, जैसा कैटरीना और ऋतिक ने डिलीवरी पार्टनर्स के साथ सम्मानित व्यवहार किया, वैसा ही व्यवहार उनके साथ सब लोगों द्वारा किया जाए।’

बयान में कहा गया कि इन विज्ञापनों का एक उद्देश्य ये भी था कि ज़ोमैटो के लिए हर कस्टमर एक स्टार है, कोई कस्टमर कैटरीना या ऋतिक से कम नहीं। ज़ोमैटो का कहना है कि विज्ञापन अच्छे उद्देश्य से बनाए गए थे लेकिन कुछ लोगों द्वारा उसका गलत मतलब निकाला गया।

क्या है विज्ञापनों में- ऋतिक रोशन जिस विज्ञापन का हिस्सा बने हैं, उसमें एक डिलीवरी बॉय उन्हें बारिश में फूड डिलीवरी करने आता है। ऋतिक उसे जादू कहकर संबोधित करते हैं और कहते हैं, ‘जादू! किसी भी मौसम में टाइम पर पहुंचते हो। जादू से कम हो क्या? एक सेल्फी तो बनता हैं। एक सेकेंड।’

ऋतिक थोड़ी देर के लिए घर में जाते हैं जिसके बाद डिलीवरी बॉय को दूसरा ऑर्डर आ जाता है। वो बिना सेल्फी लिए ही दूसरे कस्टमर को फूड डिलीवर करने निकल पड़ता है। कैटरीना जिस विज्ञापन में हैं, वो भी इसी थीम पर आधारित है। ज़ोमैटो ने अपने इस एड कैंपेन को, ‘हर कस्टमर है स्टार’ नाम दिया है।

ज़ोमैटो के स्पष्टीकरण के बावजूद भी सोशल मीडिया पर एक वर्ग इस विज्ञापन की आलोचना कर रहा है। लोगों का कहना है कि कंपनी करोड़ों खर्च कर बड़े स्टार्स को अपने विज्ञापन में ले सकती है लेकिन अपने ही वर्कर्स को अच्छी सैलरी नहीं दे सकती। लोग लिख रहे हैं कि डिलीवरी कर्मचारियों का शोषण बंद होना चाहिए।