ऋषि कपूर को सताती थी राजीव कपूर की चिंता, टैलेंटेड होने के बाद भी नहीं हो पाए थे सफल; एक्टर ने खुद बताई थी वजह

ऋषि कपूर ने अपनी किताब में बताया था कि उन्होंने अकसर छोटे भाई राजीव कपूर की चिंता सताती थी। वह उनमें से सबसे ज्यादा टैलेंट भी थे।

rajiv kapoor, rishi kapoor बॉलीवुड के मशहूर एक्टर, रणधीर कपूर, ऋषि कपूर और राजीव कपूर (फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस)

बॉलीवुड के मशहूर एक्टर राज कपूर के छोटे बेटे राजीव कपूर ने 1983 में फिल्म ‘एक जान हैं हम’ से हिंदी सिनेमा में कदम रखा था। इसके बाद वह ‘आसमान’, ‘राम तेरी गंगा मैली’, ‘लवर ब्वॉय’ और ‘जबरदस्त’ जैसी कई फिल्मों में नजर आए थे। एक्टिंग के अलावा राजीव कपूर ने डायरेक्शन में भी हाथ आजमाया था। उन्होंने फिल्म ‘प्रेम ग्रंथ’ का निर्देशन किया था, जिसमें ऋषि कपूर और माधुरी दीक्षित साथ नजर आए थे। इन सबसे इतर राजीव कपूर को संगीत में भी काफी रुचि थी। हालांकि इन प्रतिभाओं के बाद भी राजीव कपूर सफल नहीं हो पाए थे।

राजीव कपूर को लेकर उनके बड़े भाई ऋषि कपूर ने भी अपने संस्मरण ‘खुल्लम खुल्ला’ में कहा था कि वह हम सबमें से सबसे ज्यादा टैलेंटेड था। हालांकि इन सबके बाद भी एक्टर को अपने छोटे भाई की चिंता सताती रहती थी।

ऋषि कपूर ने राजीव कपूर के बारे में बात करते हुए संस्मरण में लिखा था, “मुझे चिंपू की चिंता सताती थी और इस बात के लिए काफी उदासी भी होती थी कि वह कभी भी अपनी असल क्षमता समझ ही नहीं पाया। वह हम सबमें से सबसे ज्यादा टैलेंटेड था, साथ ही उसे संगीत में भी काफी रुचि थी।”

ऋषि कपूर ने इस बारे में बात करते हुए आगे बताया था, “वह बिना सीखे ही पियानो बहुत अच्छा बजाता था।” एक्टर ने अपनी किताब में बताया था कि छोटे भाई के साथ उनका एक अजीब रिश्ता था, हालांकि समय के साथ-साथ वह भी ठीक हो गया था।

ऋषि कपूर ने राजीव कपूर के डायरेक्टोरियल डेब्यू के लिए किये गए सहयोग को भी याद किया। उन्होंने इस बारे में बताया था, “फिल्म ‘आ अब लौट चलें’ में एक संपादक के तौर पर राजीव ने काफी अच्छा काम किया था। इस क्षेत्र में अगर उसने खुद को बेहतर तरह से लागू किया होता तो वह और भी अच्छा काम कर सकता था।”

अपने एक इंटरव्यू में राजीव कपूर ने बताया था कि उनकी तुलना अकसर चाचा शम्मी कपूर से की जाती थी। सिनेस्तान को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, “सबसे बुरी बात यह थी कि हर कोई मुझे शम्मी कपूर की तरह देखना चाहता था, क्योंकि मैं उन्हीं की तरह दिखता था।”