एक्सीडेंट के बाद अमिताभ बच्चन से मिलने पहुंचे दिलीप कुमार तो उनकी माँ ने अंदर जाने से कर दिया था मना; जानें क्या थी वजह

अमिताभ बच्चन के एक्सीडेंट के बाद लगातार लोग हॉस्पिटल में उनसे मिलने पहुंचने लगे। लेकिन जैसे ही बॉलीवुड के मशहूर एक्टर दिलीप कुमार उनसे मिलने पहुंचे, एक्टर की मां तेजी बच्चन ने उन्हें दरवाजे पर ही रोक दिया था।

amitabh bachchan, dilip kumar

बॉलीवुड के मशहूर एक्टर अमिताभ बच्चन ने आज पूरे भारत में अपना नाम कमाने के साथ-साथ विदेशों में भी अपनी जबरदस्त पहचान बनाई है। अमिताभ बच्चन की इस बात से हर कोई वाकिफ है कि फिल्म कुली के सेट पर उनके साथ काफी बड़ा हादसा हो गया था। एक्टर पुनीत इस्सर के एक घूंसे से अमिताभ बच्चन की आंतें तक फट गई थीं। जहां एक तरफ अमिताभ बच्चन की आईसीयू में हालत गंभीर थी तो वहीं उनसे मिलने वाले लोगों की भी कमी नहीं थी। लेकिन जैसे ही बॉलीवुड के मशहूर एक्टर दिलीप कुमार उनसे मिलने पहुंचे, एक्टर की मां तेजी बच्चन ने उन्हें दरवाजे पर ही रोक दिया था।

अमिताभ बच्चन से जुड़ी इस बात का जिक्र बीबीसी हिंदी की एक रिपोर्ट में किया गया है, जिसमें बताया गया कि कैसे अमिताभ बच्चन कुली फिल्म के सेट पर हुए हादसे के बाद मौत के मुंह से बाहर निकलकर आए। केवल परिवार या दोस्त ही नहीं, देशभर से लोग उनके लिए प्रार्थना करने में जुट गए थे।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अमिताभ बच्चन का ब्रीच कैंडी में इलाज चल रहा था और आईसीयू में उनकी हालत बेहद गंभीर बनी हुई थी। यश चोपड़ा से लेकर प्रकाश मेहरा, रमेश सिप्पी, संगीतकार कल्याणजी जैसे कई कलाकार लगातार अमिताभ बच्चन से मिलने के लिए आ रहे थे। बिग बी से मिलने के लिए हॉस्पिटल में लोगों की भीड़ इकट्ठी होने लगी थी।

अस्पताल में लोगों की लगातार बढ़ती भीड़ को देख अमिताभ बच्चन की मां तेजी बच्चन नाराज हो गई थीं। ऐसे में जैसे ही बॉलीवुड के मशहूर एक्टर दिलीप कुमार वहां बिग बी से मिलने पहुंचे, तेजी बच्चन ने उन्हें दरवाजे पर ही रोक दिया। साथ ही कहा, “सॉरी, आप उन्हें देखने अंदर न जाएं।” तेजी बच्चन की इस बात के बाद वहां लोगों की संख्या थोड़ी कम हो गई।

बता दें कि अमिताभ बच्चन आज भी 2 अगस्त को याद कर भावुक हो जाते हैं। वह अकसर सोशल मीडिया पर दो अगस्त से जुड़ी घटना को साझा भी करते हैं। अमिताभ बच्चन ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि अस्पताल में मिले दो उपहार उन्हें हमेशा याद रहेंगे। एक एमएफ हुसैन द्वारा दी गई पेंटिंग और दूसरा बालासाहब ठाकरे द्वारा लाया गया कार्टून।