एडमिरल हरि कुमार ने नौसेना प्रमुख का पदभार संभाला, मां के पैर छूकर लिया आशीर्वाद, लोगों ने यूं की तारीफ, देखें VIDEO

एडमिरल हरि कुमार नौसेना की बागडोर संभालने से पहले पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में कार्यरत थे। एडमिरल हरि कुमार एक जनवरी 1983 को भारतीय नौसेना की कार्यकारी शाखा में सेवा में शामिल हुए थे।

पदभार सम्मेलन के बाद नौसेना प्रमुख एडमिरल हरि कुमार ने अपनी मां का पैर छूकर आशीर्वाद लिया। (फोटो: पीटीआई)

एडमिरल करमबीर सिंह के सेवानिवृत्त होने के बाद एडमिरल आर हरि कुमार ने मंगलवार को भारतीय नौसेना के नए प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाला। इस दौरान उन्होंने अपनी मां का पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया। पदभार सम्मेलन के बाद मां का आशीर्वाद लेने का वीडियो सामने आने पर लोगों ने एडमिरल हरि कुमार की जमकर तारीफ़ की। 

मंगलवार को एडमिरल हरि कुमार को भारतीय नौसेना की कमान सौंपी गई। इस दौरान उन्हें गार्ड ऑफ़ ऑनर भी दिया गया। गार्ड ऑफ़ ऑनर के बाद नौसेना प्रमुख दर्शक दीर्घा में बैठे अपने परिजनों से मिलने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अपनी मां के पैर छूकर आशीर्वाद भी लिए। इसके बाद मां ने भी उन्हें गले लगा लिया। इस दौरान दोनों मां बेटे भावुक दिखे। समाचार एजेंसी एएनआई ने इसका वीडियो जारी किया है।

नौसेना प्रमुख के द्वारा अपनी मां का पैर छूने का वीडियो सामने पर लोगों ने एडमिरल हरि कुमार की जमकर तारीफ़ की। महेश विक्रम हेगड़े नाम के यूजर ने वीडियो को ट्वीट करते हुए लिखा कि भारतीय नौसेना प्रमुख भारतीय सभ्यता का सम्मान करते हैं। ट्विटर हैंडल @SethiNiren ने लिखा कि अपने माता पिता की उपेक्षा करने वालों को यह देखना चाहिए। माता पिता के बिना कोई भी सफलता पूर्ण नहीं होती है। एक बार में दो माओं की सेवा करने वाले को शत शत नमन।

इसके अलावा @subhsays ने लिखा कि हर मां के जीवन में सबसे खुशी का पल यही होता है कि वह अपने बच्चे को सर्वोच्च स्थान हासिल करते हुए देखे। ट्विटर यूजर सुबीर कुमार दास ने लिखा जो भी कोई कुछ भी पद या उपलब्धि अर्जित करता है वह मां के आशीर्वाद के बिना पूरा नहीं होता है।

एडमिरल हरि कुमार नौसेना की बागडोर संभालने से पहले पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में कार्यरत थे। 12 अप्रैल 1962 को जन्मे एडमिरल हरि कुमार एक जनवरी 1983 को भारतीय नौसेना की कार्यकारी शाखा में सेवा में शामिल हुए थे। लगभग 39 वर्षों की अपनी लंबी एवं विशिष्ट सेवा के दौरान एडमिरल कुमार ने विभिन्न कमानों, स्टाफ और निर्देशात्मक नियुक्तियों में सेवा दी है।

एडमिरल आर हरि कुमार की समुद्री कमान में तैनातियों में भारतीय नौसैन्य पोत (आईएनएस) निशंक, मिसाइल से सुसज्जित लड़ाकू जल पोत आईएनएस कोरा और निर्देशित-मिसाइल विध्वसंक आईएनएस रणवीर शामिल हैं। उन्होंने भारतीय नौसेना के विमानवाहक पोत आईएनएस विराट की भी कमान संभाली है। एडमिरल कुमार पश्चिमी बेड़े के फ्लीट ऑपरेशन ऑफिसर के पद पर भी रहे हैं। पश्चिमी नौसैन्य कमान में एफओसी का प्रभार संभालने से पहले वह मुख्यालय की एकीकृत कर्मचारी समिति और एकीकृत रक्षा स्टाफ के प्रमुख भी रहे हैं।

एडमिरल आर हरि कुमार ने अमेरिका के नेवल वॉर कॉलेज, महू के आर्मी वॉर कॉलेज और ब्रिटेन के रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज से कई पाठ्यक्रम पूरे किए हैं। उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल (पीवीएसएम), अति विशिष्ट सेवा मेडल (एवीएसएम) और विशिष्ट सेवा मेडल (वीएसएम) से सम्मानित किया गया है। (भाषा इनपुट्स के साथ)