एयर इंडिया की नीलामी के बाद कर्मचारियों पर संकट, क्वार्टर छोड़ने को कहा तो दी हड़ताल की धमकी

कर्मचारियों को पांच अक्टूबर को इस बारे में एक नोटिस मिला था। इसमें उनसे कहा गया है कि वे 20 अक्टूबर 2021 तक लिखकर दें कि एयरलाइंस का निजीकरण हो जाने के छह महीने के भीतर आवास खाली कर देंगे। एयर इंडिया की अपनी कालोनी मुंबई के कलीना और दिल्ली के उबेर पोस वसंत विहार में स्थित है। नोटिस दोनों स्थानों के लिए है।

Air India Disinvestment एयर इंडिया कर्मचारियों में सरकार के घर खाली करने के नोटिस से काफी नाराजगी है। (फोटो- एपी)

एयर इंडिया की नीलामी के बाद कर्मचारियों पर संकट के बादल मंडराने शुरू हो गए है। इसका पहला दौर उनको मिला नोटिस है। इस नोटिस में उनसे कहा गया है कि वे लिखकर दें कि विनिवेश सौदे की अंतिम तिथि के छह महीने के भीतर मुंबई के कलिना में अपनी कंपनी के आवास को खाली कर देंगे। इससे कर्मचारी यूनियनों में काफी नाराजगी है।

यूनियन पदाधिकारियों ने भी इसके जवाब में बुधवार को मुंबई के क्षेत्रीय श्रम आयुक्त को नोटिस जारी कर कहा कि वे इस मुद्दे पर दो नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा सकते हैं। नियमों के अनुसार, यूनियन को हड़ताल पर जाने से पहले दो सप्ताह का नोटिस देना होता है। नोटिस एयर इंडिया के संयुक्त कार्रवाई समिति (Joint Action Committee) ने दिया है।

जिस भूमि पर कॉलोनियां स्थित हैं, वह भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) द्वारा एआई को स्थायी रूप से पट्टे पर दी जाती है। एएआई मालिक है और मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) केवल एक किरायेदार है। एआई के लिए जल्दबाजी में कॉलोनियों को खाली करने और अडानी समूह को जमीन सौंपने का कोई कारण नहीं है जो अब एमआईएएल का प्रमोटर है।

कर्मचारियों को पांच अक्टूबर को इस बारे में एक नोटिस मिला था। इसमें उनसे कहा गया है कि वे 20 अक्टूबर 2021 तक लिखकर दें कि एयरलाइंस का निजीकरण हो जाने के छह महीने के भीतर आवास खाली कर देंगे। एयर इंडिया की अपनी कालोनी मुंबई के कलिना और दिल्ली के उबेर पोस वसंत विहार में स्थित है। नोटिस दोनों स्थानों के लिए है। फिलहाल कर्मचारी यूनियन के दोनों शहरों के पदाधिकारी इस मुद्दे पर रोजाना बैठक कर संयुक्त रूप से हड़ताल पर जाने का फैसला करेंगे।

कर्मचारी यूनियनों का कहना है कि एयरपोर्ट की भूमि पर कई जगह झुग्गी-झोपड़ियां बनी हैं। उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया गया है। महाराष्ट्र सरकार भूमि रिकॉर्ड्स का संरक्षक है और स्थानान्तरण के लिए उसकी सहमति जरूरी है।

एयर इंडिया के संयुक्त कार्रवाई समिति (Joint Action Committee) ने मांग की है कि कर्मचारियों को सेवानिवृत्त होने तक अपने-अपने घरों में रहने की अनुमति दी जाए। इसमें कहा गया है कि ऐसा नहीं होने पर हमारे पास 2 नवंबर 2021 से अनिश्चितकालीन हड़ताल का सहारा लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।

एयर इंडिया विनिवेश पर जीओएम ने 9 अगस्त, 2021 को निर्णय लिया था कि एयर इंडिया कर्मचारी कंपनी की आवासीय संपत्तियों में विनिवेश के बाद “छह महीने की अवधि या संपत्ति का मुद्रीकरण होने तक, जो भी पहले हो, रह सकते हैं।