एलगार परिषद केस: पुणे पुलिस ने कही थी PM की हत्या की साज़िश की बात, NIA ने नहीं किया जिक्र

एक स्पेशल कोर्ट में इसी महीने जमा किए अपने ड्राफ्ट चार्ज (प्रस्तावित आरोपों) में एनआईए ने कहा कि आरोपियों ने “सार्वजनिक अधिकारी की मौत का प्रयास करने या मौत का कारण बनने के लिए” के लिए हथियार जुटाने की साजिश रची थी।

Elgar Parishad Case, PM Narendra Modi, India News एल्गार परिषद केस में जिन अन्य लोगों पर आरोप हैं, उनमें सुधीर धावले, रॉना विल्सन, सुरेंद्र गाडलिंग, शोमा सेना, महेश राउत, पी वरवरा राव, वर्वन गोंजाल्वेज, अरुण फरेरा, सुधा भारद्वाज, गौतम नवलखा, हनी बाबू, रमेश गईचोर, ज्योति जगताप और सागर गोरके। (फाइल फोटो)

एलगार परिषद केस में महाराष्ट्र के पुणे की पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की साजिश की बात कही थी, पर नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने इसका जिक्र नहीं किया।

एनआईए मामले में गिरफ्तार किए गए 15 लोगों को देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने सहित 16 अपराधों के साथ गिरफ्तार करने का प्रस्ताव दिया है, जिसमें अधिकतम मौत की सजा है। इस महीने की शुरुआत में एक स्पेशल कोर्ट में पेश किए गए अपने मसौदा आरोपों में एनआईए बोला कि आरोपियों ने हथियारों को “सार्वजनिक अधिकारी की मौत का प्रयास करने या मौत का कारण बनने के लिए” जुटाने से जुड़ी साजिश रची।

वहीं, मामले में प्रारंभिक जांच करने वाली पुणे पुलिस ने अपने प्रस्तावित मसौदा आरोपों में कहा था कि हथियार “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या” की साजिश से जुड़े थे, जबकि एनआईए ने प्रधानमंत्री का उल्लेख नहीं किया। एनआईए के एक अधिकारी ने बताया कि मसौदा आरोप विशिष्ट आरोपों में नहीं गए हैं और इस पर सबूत ट्रायल का हिस्सा होंगे।

पुणे पुलिस ने एक पत्र को एक जगह से जब्त करने का दावा किया था।

आरोपी कार्यकर्ता रॉना विल्सन ने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जिसमें कहा गया है कि साल 2018 में उनकी गिरफ्तारी से दो साल पहले उनके इलेक्ट्रॉनिक उपकरण से जब्त किए गए “अपमानजनक सबूत” एक मैलवेयर के माध्यम से लगाए गए थे।