एसबीआई दे रहा है नेशनल पेंशन स्‍कीम पर इस तरह के फायदे, जानिए कैसे खुलवा सकते हैं अकाउंट

राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली यानी एनपीएस एक लांग टर्म इंवेस्‍टमेंट प्रोडक्‍ट है, जिसमें बहुत लो कॉस्‍ट वाला स्‍ट्रक्‍चर है, जो पीएफआरडीए द्वारा रेगुलेटिड बाजार से जुड़े रिटर्न ऑफर करता है। एसबीआई ने ट्वीट किया है कि एसबीआई द्वारा राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) योजना के साथ अपने फ्यूचर को फाइनेंश‍ियल फ्रीडम दें।

NPS New Rule पीएफआरडीए ने प्री-मेच्‍योर विद्ड्रॉल रूल में बदलाव किया है। (Photo Indian Express Archive)

देश कर सबसे बड़ा बैंक एसबीआई कई सरकारी योजनाओं में भी कई तरह के बेनिफ‍िट प्रदान करता है। एसबीआई ने अपने ट्वि‍टर हैंडल पर ट्वीट करते हुए कहा है कि भारतीय स्टेट बैंक राष्ट्रीय पेंशन योजना यानी एनपीएस के तहत कुछ लाभ दे रहा है। एसबीआई ने ट्वीट करते हुए कहा कि कि जब आप एसबीआई की राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली योजना चुनते हैं तो अतिरिक्त लाभ प्राप्त करके अपने फाइनेंशियल फ्यूचर पर कंट्रोल कर सकते हैं।

राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली यानी एनपीएस एक लांग टर्म इंवेस्‍टमेंट प्रोडक्‍ट है, जिसमें बहुत लो कॉस्‍ट वाला स्‍ट्रक्‍चर है, जो पीएफआरडीए द्वारा रेगुलेटिड बाजार से जुड़े रिटर्न ऑफर करता है। एसबीआई ने ट्वीट किया है कि एसबीआई द्वारा राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) योजना के साथ अपने फ्यूचर को फाइनेंश‍ियल फ्रीडम दें। आइए आपको भी बताते हैं कि एसबीआई के थ्रू आप इस योजना के साथ कैसे जुड़ सकते हैं और इसकी क्‍या विशेषताएं हैं।

एसबीआई योनो के थ्रू कैसे करें रजिस्‍ट्रेश

  • सबसे पहले आपको योनो एप पर विजिट करना होगा।
  • उसके बाद आपको इंवेस्‍टमेंट पर क्‍लि‍क करना होगा।
  • फि‍र एनपीएस अकाउंट ओपन पर सेलेक्‍ट करें।

ऑनलाइन भी कर सकते हैं रजिस्‍ट्रेशन

  • इसके लिए सबसे पहले आपको https://onlinesbi.co.in पर जाना होगा।
  • उसके बाद ‘ई-सर्विसेज’ पर क्‍ल‍िक करना होगा।
  • उसके बाद ‘एनपीएस रजिस्‍ट्रेशन’ या ‘नियर एसबीआई ब्रांच’ का ऑप्‍शन चुने।
  • अब रजिस्‍ट्रेशन के लिए जरूरी डिटेल दर्ज करें और प्रभावी आवेदन के लिए अनिवार्य योगदान करें।

अपने नजदीकी एसबीआई ब्रांच ऐसे करें रजिस्‍ट्रेशन
सब्‍सक्राइबर अपने लोकल भारतीय स्टेट बैंक ब्रांच में जाकर और आवश्यक अंशदान राशि के साथ एनपीएस कंट्रीब्‍यूशन इंस्‍ट्रक्‍शन स्लिप (एनसीआईएस) जमा करके एनपीएस में नामांकन कर सकते हैं। 1 अक्टूबर को एसबीआई ने भारत में पेंशनर्स के लिए भारत सरकार के मिशन की दिशा में पीएफआरडीए के अभियान के अनुरूप एनपीएस दिवस शुरू करने की घोषणा की। एसबीआई के अध्यक्ष दिनेश खारा ने अपने लाखों ग्राहकों के बीच एनपीएस के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए अपनी सभी शाखाओं में इस पहल की शुरुआत की।

कम उम्र से ही करें शुरुआत
एसबीआई के चेयरमैन दिनेश खारा ने कहा कि हमें इंटरनेशनल ओल्‍डर डे के अनुरूप ‘एनपीएस दिवस’ मनाते हुए खुशी हो रही है। हमारा मानना है कि यह हमारे ग्राहकों के लिए एक स्वस्थ और सुरक्षित रिटायरमेंब्‍ सुनिश्चित करने के लिए एनपीएस में निवेश के महत्व को समझने का एक आदर्श अवसर है। हम एसबीआई में अपने ग्राहकों को एनपीएस के बारे में शिक्षित करना जारी रखेंगे जिससे उन्हें कम उम्र से ही अपने जीवन के सुनहरे दौर के लिए बचत की आदत विकसित करने में मदद मिलेगी।

एनपीएस योजना की विशेषताएं

  • एनपीएस अकाउंट के कई प्रकार हैं। जिसमें टियर I – पेंशन अकाउंट (अनिवार्य अकाउंट – टैक्‍स बेनिफ‍िट अवेलेबल) और टियर- II – इंवेस्‍टमेंट अकाउंट (ऑप्‍शनल अकाउंट – कोई टैक्‍स बेनिफ‍िट नहीं, लेकिन अमाउंट कभी भी निकाला जा सकता है) 50,000 रुपए एक वित्‍त‍ीय वर्ष में।
  • अकाउंट खोलने के दौरान टियर I के लिए न्यूनतम योगदान 500 रुपए है और टियर II खाता खोलने के लिए न्यूनतम योगदान 1000 रुपए है।
  • 0.01 फीसदी के फंड प्रबंधन शुल्क के साथ एक बहुत ही कम लागत वाला उत्पाद है।
  • सब्‍सक्राइबर अपनी पसंद के पेंशन फंड मैनेजर (पीएफएम) का चयन कर सकते हैं।
  • सब्‍सक्राइबर को वित्तीय वर्ष के दौरान एक बार पीएफएम बदलने की अनुमति है।
    सब्‍सक्राइबर अपने परिसंपत्ति आवंटन को भी परिभाषित कर सकते हैं, जिसे किसी वित्तीय वर्ष में दो बार बदला जा सकता है।
  • यह योजना 18 से 70 वर्ष की आयु के नागरिकों के लिए उपलब्ध है।
  • यह योजना टैक्‍स बेनिफ‍िट के साथ आती है और 2 लाख रुपए तक की कटौती की अनुमति देती है।
  • सेवानिवृत्ति के बाद एनपीएस योजना में निरंतरता – 70 वर्ष तक योगदान करने या 70 वर्ष की आयु तक निकासी को स्थगित करने का प्रावधान है।
  • यदि कुल जमा फंड 60 वर्ष या उससे अधिक की आयु प्राप्त करने पर 2 लाख रुपये से कम है, तो ग्राहक पूरी राशि को वापस ले सकता है।