ऐंकर से बोलने लगे पैनलिस्ट, आप ऑक्सीजन से वेंटिलेटर पर चले गए, मिला जवाब- पर्सनल न होइए

रिपब्लिक भारत टीवी चैनल पर एंकर ऐश्वर्य कपूर ने पैनलिस्टों से पूछा कि सारी किंतु-परन्तु के बाद व्यवस्था पटरी पर क्यों नहीं आ रही है। आपदा को अवसर में भुनाने वाले लोगों पर कार्रवाई कब होगी।

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कोरोना महामारी से देश में हाहाकार मचा हुआ है और सरकारों की लापरवाही और निष्क्रियता से लोग मर रहे हैं। देश में 34 लाख सक्रिय मामले हैं। कोरोना पीड़ितों और मृतकों के परिजनों की चित्कार सुनकर लोगों के कलेजे दहल जा रहे हैं, लेकिन व्यवस्था है कि सुधरने का नाम ही नहीं ले रही है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है।

रिपब्लिक भारत टीवी चैनल पर एंकर ऐश्वर्य कपूर ने पैनलिस्टों से पूछा कि सारी किंतु-परन्तु के बाद व्यवस्था पटरी पर क्यों नहीं आ रही है। आपदा को अवसर में भुनाने वाले लोगों पर कार्रवाई कब होगी। इस पर पर नुपुर शर्मा ने कहा कि जितनी ऑक्सीजन एलाट है दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार उसको अस्पतालों तक पहुंचा नहीं पा रही हैष वे केवल केंद्र पर आरोप लगा रहे हैं। उनके जवाब में आम आदमी पार्टी के रत्नाकर त्रिपाठी ने कहा कि नुपुर जी इतनी देर तक खाली यही बता पा रही हैं कि आप गलत मैं सहीं हूं। उन्होंने एंकर ऐश्वर्य कपूर से कहा आप ऑक्सीजन से वेंटिलेटर पर चले गए तो भाजपा की प्रवक्ता नुपुर शर्मा ने कहा कि आप पर्सनल न होइए। आप।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को केंद्र से कारण बताने को कहा कि कोविड-19 मरीजों के उपचार के लिए दिल्ली को ऑक्सीजन की आपूर्ति पर आदेश की तामील नहीं कर पाने के लिए उसके खिलाफ अवमानना कार्रवाई क्यों नहीं शुरू की जाए। अदालत ने कहा, “आप शुतुरमुर्ग की तरह रेत में सिर छिपा सकते हैं, हम ऐसा नहीं करेंगे। क्या आपको इन चीजों के बारे में पता नहीं है।” न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की पीठ ने केंद्र की इस दलील को भी खारिज कर दिया कि मौजदा चिकित्सकीय ढांचे के आलोक में दिल्ली 700 मीट्रिक टन चिकित्सकीय ऑक्सीजन की हकदार नहीं है।

पीठ ने कहा, “हम हर दिन इस खौफनाक हकीकत को देख रहे हैं कि लोगों को अस्पतालों में ऑक्सीजन या आईसीयू बेड नहीं मिल रहे, कम गैस आपूर्ति के कारण बेड की संख्या घटा दी गयी है।” अदालत ने केंद्र सरकार के दो वरिष्ठ अधिकारियों को नोटिस पर जवाब देने के लिए बुधवार को अदालत के समक्ष हाजिर होने का निर्देश दिया।

पीठ ने कहा कि उच्चतम न्यायालय का 30 अप्रैल का विस्तृत आदेश दिखाता है कि उसने केंद्र को 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मुहैया कराने का निर्देश दिया था ना कि महज 490 मीट्रिक टन। पीठ ने कहा कि उच्चतम न्यायालय पहले ही आदेश दे चुका है, अब उच्च न्यायालय भी कह रहा है कि जैसे भी हो केंद्र को हर दिन दिल्ली को 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति करनी होगी।