ऑस्ट्रेलिया ने कहा- न्यूज़ की पेमेंट करने के लिए गूगल और फेसबुक समझौते के करीब


कैनबरा. ऑस्ट्रेलिया (Australia) की सरकार ने कहा कि Google और फेसबुक घरेलू मीडिया कंपनियों को खबरों के लिए भुगतान करने के लिए समझौते कर रहे हैं. ऑस्ट्रेलियाई ट्रेजर जोश फ्राइडेनबर्ग ने बीते हफ्ते  फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग और Google के सीईओ सुंदर पिचाई के साथ बातचीत की. सोमवार को फ्राइडेनबर्ग ने कहा कि ‘हम कुछ बहुत ही महत्वपूर्ण वाणिज्यिक सौदों के बहुत करीब हैं. हमने बहुत आगे बढ़े हैं.’

Alphabet inc के स्वामित्व वाले Google और Facebook ने उस ऑस्ट्रेलियाई कानून का विरोध किया था जिसके तहत उन्हें मीडिया कंपनियों को समाचार के लिए भुगतान करना था. कानून लागू होने पर Google ने सर्च इंजन को बंद करने की धमकी दी थी. वहीं संसद इस सप्ताह से कानून पर विचार करेगी.

Facebook-google ने किया कॉमेंट से इनकार
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार फेसबुक ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. कंपनी ने एक बयान में कहा, ‘हम ऑस्ट्रेलियाई सरकार के साथ कानून पर अपनी चिंता जाहिर कर चुके हैं.’ साथ ही Google के प्रवक्ता ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है.

Google ने अपने न्यूज शोकेस उत्पाद के माध्यम से प्रकाशकों को क्षतिपूर्ति का प्रस्ताव दिया है. जिसके तहत वह कानून द्वारा बाध्य होने के बजाय क्यूरेटेड सामग्री के लिए मीडिया आउटलेट का पेमेंट करेगा. द वेस्ट ऑस्ट्रेलियन के पब्लिशर सेवेन वेस्ट मीडिया ने सोमवार को कहा कि यह दीर्घकालिक साझेदारी के तहत शोकेस के लिए समाचार देने पर सहमत हुआ. न्यूज़ कॉर्प और हेराल्ड-पब्लिशर नाइन एंटरटेनमेंट अभी तक Google शोकेस में शामिल नहीं हुए हैं.

डिजिटल न्यूज के लिए कानून में संशोधन करेगा ऑस्ट्रेलिया
वहीं आस्ट्रेलिया की सरकार ने मंगलवार को कहा कि मसौदा कानूनों में यह स्पष्ट करने के लिए संशोधन किया जाएगा कि गूगल (Google) और फेसबुक समाचारों (Facebook News) के लिए प्रकाशकों को समाचार के लिंक पर पर प्रति क्लिक के बजाय एकमुश्त राशि का भुगतान करेंगे. एक सरकारी बयान में इन विधायी बदलावों को ‘स्पष्टीकरण और तकनीकी संशोधन’ बताया गया है.

आस्ट्रेलिया की कंजरवेटिव सरकार संसद का मौजूदा सत्र 25 फरवरी को संपन्न होने से पहले ‘न्यूज मीडिया बारगेनिंग कोड’ ( समाचार मीडिया सौदेबाजी संहिता) को लागू करने की उम्मीद कर रही है. वित्त मंत्री जोश फ्राईडेंगबर्ग और संचार मंत्री पॉल फ्लेचर ने एक संयुक्त बयान में कहा, ‘‘संशोधन बुधवार को संसद में पेश किया जाएगा, जिसका उद्देश्य संहिता के संपूर्ण प्रभाव को कायम रखते हुए इसके क्रियान्वयन को बेहतर करना है. ’’