“और नहीं सहेंगे अपमान, सरकार को पहुंचा दिया है पैगाम”, गुर्जर महापंचायत में CM योगी आदित्यनाथ के खिलाफ फूटा गुस्सा

लोगों ने कहा कि अगर सरकार कोई कदम नहीं उठाती है तो हम प्रतिमा को गंगा जल से स्नान कराएंगे। यह एक शांतिपूर्ण विरोध होगा, लेकिन हमारा गुस्सा आगामी चुनावों में दिखाई देगा क्योंकि समुदाय का अपमान बहुत दूर तक जाएगा।

दादरी के पीजी कॉलेज में लगी मिहिर भोज की प्रतिमा से गुर्जर शब्द हटाने से गुस्साए गुर्जर समाज के लोगों ने रविवार को महापंचायत किया और सरकार को जल्दी इसे ठीक करने की चेतावनी दी। (एक्सप्रेस फोटो: ताशी तोब्ग्यल)

उत्तरप्रदेश के गौतम बुद्ध नगर के दादरी में बीते 22 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अनावरण किए गए सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा से गुर्जर शब्द पर कालिख पोतने का मुद्दा गहराता ही जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर रविवार को गुर्जर समुदाय के लोगों ने दादरी में महापंचायत की। महापंचायत में लोगों का गुस्सा सीएम योगी के खिलाफ जमकर फूटा। महापंचायत में लोगों ने कहा कि हमने सरकार को अपना पैगाम पहुंचा दिया है, अब और अपमान नहीं सहा जाएगा।

दादरी में आयोजित महापंचायत में स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि नौवीं शताब्दी के राजा मिहिर भोज की प्रतिमा पर लगी पट्टिका से जानबूझ कर गुर्जर शब्द हटाया गया है। महापंचायत में मौजूद रहे गुर्जर समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे इस महापंचायत के जरिए सरकार को साफ़ संदेश देना चाहते हैं कि एक शब्द को हटाना समाज का अपमान है। वहीं महापंचायत में मौजूद रहे भाजपा के पूर्व सांसद अवतार सिंह भड़ाना ने भी सरकार को गुर्जर शब्द पर कालिख पोते जाने को लेकर साफ़ साफ़ चेतवानी दी।

अवतार सिंह भड़ाना ने कहा कि यह अब गुर्जर समुदाय के लिए सम्मान की बात बन गई है। अब हमारा अपमान नहीं किया जा सकता। हमें सत्तारूढ़ सरकार को सम्मानजनक तरीके से संदेश देना होगा। हम अपने स्वाभिमान के लिए किसी पार्टी या संगठन पर निर्भर नहीं हैं। हमें एक योजना बनानी चाहिए कि इस लड़ाई को कैसे आगे बढ़ाया जाए और इस गलतियों को ठीक किए जाने तक इस आंदोलन को जारी रखा जाए। पट्टिका से गुर्जर शब्द हटाने की घटना ने हमें बहुत आहत किया है।

महापंचायत में मौजूद रहे लोगों ने आपसी सहमति से निर्णय लेते हुए सरकार को दोबारा से पट्टिका पर गुर्जर शब्द लिखने के लिए 10 दिन का समय दिया है। लोगों ने कहा कि अगर सरकार कोई कदम नहीं उठाती है तो हम प्रतिमा को गंगा जल से स्नान कराएंगे। यह एक शांतिपूर्ण विरोध होगा, लेकिन हमारा गुस्सा आगामी चुनावों में दिखाई देगा क्योंकि समुदाय का अपमान बहुत दूर तक जाएगा।

दरअसल बीते 22 सितंबर को दादरी के मिहिर भोज पीजी कॉलेज में सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा का अनावरण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किया गया था। लेकिन अनावरण से कुछ समय पहले ही कुछ अराजक तत्वों ने गुर्जर नाम के ऊपर कालिख पोत दिया था। बाद में एक भाजपा नेता कालिख के ऊपर गुर्जर लिखा हुआ एक पोस्टर चिपका दिया. बाद में उसे भी हटा दिया गया। गुर्जर शब्द पर कालिख पोते जाने से गुस्साए लोगों ने योगी आदित्यनाथ के भाषण के तुरंत बाद ही हंगामा करना शुरू कर दिया।

इससे पहले करणी सेना के सदस्यों ने शिलापट्ट पर गुर्जर शब्द लिखे जाने का विरोध करते हुए कहा था कि मिहिर भोज एक राजपूत आइकन थे और गुर्जर नेता के रूप में उन्हें गलत तरीके से दिखाया जा रहा था। इसके बाद ही राजपूत और गुर्जर समुदायों के बीच तनाव बढ़ने लगा। हालांकि कुछ दिन पहले दोनों समुदाय के लोगों ने जाति विवाद को ख़त्म करने का फैसला किया था। लेकिन अनावरण से पहले गुर्जर शब्द पर कालिख पोते जाने के बाद से ही दोनों समुदायों के बीच तनाव बढ़ गया।

सम्राट मिहिर भोज की जाति को लेकर उपजे विवाद को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी भाजपा पर निशाना साधा। अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए लिखा कि यह इतिहास में पढ़ाया जाता रहा है कि सम्राट मिहिर भोज गुर्जर-प्रतिहार थे पर भाजपाइयों ने उनकी जाति ही बदल दी है। निंदनीय! अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि छलवश भाजपा स्थापित ऐतिहासिक तथ्यों से जानबूझ कर छेड़छाड़ व सामाजिक विघटन करके किसी एक पक्ष को अपनी तरफ करती रही है। हम हर समाज के मान-सम्मान के साथ हैं!