कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट पर उठाए सवाल, बोले- लोग कुचलकर मार दिए जाते हैं, स्वतः संज्ञान नहीं लेता SC

लखीमपुर खीरी की हिंसा को लेकर कपिल सिब्बल ने एक ट्वीट कर हैरानी जताई है कि, आखिर लोग मारे जा रहे हैं, कुचले जा रहे हैं, इसके बाद भी सर्वोच्च अदालत ने स्वत: संज्ञान नहीं लिया।

Kapil Sibl, Congress, Kapil Sibbal कपिल सिब्बल(फाइल/फोटो सोर्स: PTI)

यूपी के लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा को लेकर कांग्रेस के दिग्गज नेता और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने उच्चतम न्यायालय पर सवाल खड़े किए हैं। दरअसल इस मामले को सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्वत: संज्ञान ना लिए जाने पर सिब्बल ने एक ट्वीट में हैरानी जताते हुए कहा कि, लोग मारे जा रहे हैं, कुचले जा रहे हैं, लेकिन सर्वोच्च अदालत संज्ञान नहीं ले रहा। उन्होंने देश की सबसे बड़ी अदालत से इस मामले में कार्रवाई के लिए अनुरोध किया है।

कपिल सिब्बल ने अपने ट्वीट में लिखा है कि, “एक समय था जब, उच्चतम न्यायालय, यूट्यूब और सोशल मीडिया के नहीं होने पर भी प्रिंट मीडिया में छपी खबरों के आधार पर ही स्वत: संज्ञान लेता था। सुप्रीम कोर्ट ने बेजुबानों की भी आवाज सुनी। वहीं आज जब हमारे नागरिक कुचले जा रहे हैं और, उन्हें मारा जा रहा है, सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध है कि इसे संज्ञान में ले।”

Source: @KapilSibal

बता दें कि लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा को लेकर कांग्रेस काफी सक्रिय नजर आ रही है। जहां प्रियंका गांधी को पीड़ित परिवारों से मिलने नहीं दिया गया और सीतापुर पीएसी गेस्ट हाउस में हिरासत में रखा गया है। वहीं बुधवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रेस कांफ्रेंस कर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।

राहुल गांधी ने कहा कि, “प्रधानमंत्री कल(5 अक्टूबर) लखनऊ में थे लेकिन वो लखीमपुर खीरी नहीं जा सके। आज(6 अक्टूबर को) हम 2 मुख्यमंत्रियों के साथ लखीमपुर खीरी जाकर उन परिवारों से मिलने की कोशिश करेंगे।” राहुल गांधी ने कहा कि, “लखीमपुर खीरी में धारा 144 लागू है यह केवल 5 लोगों को रोकती है, हम 3 लोग जा रहे हैं। हमने उनको चिट्ठी लिख दिया है। विपक्ष का काम दबाव बनाने का है ताकि कार्रवाई हो।”

इस मुद्दे पर विपक्ष द्वारा की जा रही राजनीति के आरोप पर राहुल ने कहा कि, “विपक्ष का काम दबाव बनाने का होता है। हाथरस में भी यही हुआ। सरकार चाहती है कि हम दबाव ना बनाए और जिन्होंने मर्डर किया वो भागकर निकल जाएं। इसलिए हम दबाव डाल रहे हैं, क्योंकि किसानों के साथ गलत किया गया, उन्हें मारा गया है।”