कमबैक कर रहा कोरोना? तमिलनाडु में 24 घंटे में 479 नए केस, 31 मार्च तक लॉकडाउन

इस बीच, लोक स्वास्थ्य विभाग ने एक विज्ञप्ति में कहा कि 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों के साथ ही 45 वर्ष से 59 वर्ष तक के ऐसे लोगों के लिए कल से कोविड टीकाकरण की व्यापक व्यवस्था की गयी है जो गंभीर रोगों से पीड़ित हैं।

Coronavirus, India News, National News

Coronavirus संकट के मद्देनजर तमिलनाडु में 31 मार्च तक के लिए लॉकडाउन बढ़ा दिया गया है। केंद्र की ओर से इस बाबत यह घोषणा रविवार को की गई। साथ ही जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए कि वह संक्रमण के फैलाव को ध्यान में रखते हुए यह सुनिश्चित कराए कि जरूरी नियमों (सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क और बार-बार हाथ धोना आदि) का पालन हो।

दरअसल, स्वास्थ्य विभाग ने रविवार को बताया कि सूबे में कोरोना संक्रमण के 479 नए मामले सामने आए, जबकि तीन मरीजों की इससे मौत हो गई। राज्य में संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 8.51 लाख हो गई है। वहीं, मृतकों की संख्या 12,496 हो गई। प्रदेश में अभी 4,022 मरीजों का इलाज चल रहा है जबकि 490 लोगों के संक्रमणमुक्त होने से स्वस्थ हो चुके मरीजों की संख्या बढ़कर 8,35,024 हो गई। चेन्नई में 182 नए मामले सामने आने के साथ यहां संक्रमितों की कुल संख्या 2,35,532 हो गई। रविवार को कुल 50,815 नमूनों की जांच हुई और राज्य में अब तक कुल 1.74 करोड़ नमूनों की जांच की जा चुकी है।

इस बीच, लोक स्वास्थ्य विभाग ने एक विज्ञप्ति में कहा कि 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों के साथ ही 45 वर्ष से 59 वर्ष तक के ऐसे लोगों के लिए कल से कोविड टीकाकरण की व्यापक व्यवस्था की गयी है जो गंभीर रोगों से पीड़ित हैं। विज्ञप्ति के अनुसार स्वास्थ्य सचिव जे राधाकृष्णन ने राज्य टीकाकरण अधिकारी विनय कुमार के साथ रविवार को समग्र तैयारियों की समीक्षा की। इसमें कहा गया है कि अब तक 4.57 लाख स्वास्थ्य कर्मियों और अग्रिम पंक्ति के कर्मियों को कोविड के टीके लगाए जा चुके हैं जबकि लक्ष्य 8.21 लाख लोगों का टीकाकरण है।

‘और खतरनाक हो सकती है तीसरी लहर’: वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के महानिदेशक शेखर सी मांडे ने रविवार को आगाह किया कि कोविड-19 संकट अभी समाप्त नहीं हुआ है और अगर महामारी की तीसरी लहर आती है जो उसके गंभीर परिणाम होंगे। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति से बाहर निकलने के लिए संस्थानों में लगातार सहयोग के साथ ही जलवायु परिवर्तन और जीवाश्म ईंधन पर अति निर्भरता से पैदा होने वाली संकटपूर्ण स्थितियों को टालना भी आवश्यक है। ऐसी संकटपूर्ण स्थिति से पूरी मानवता के लिए खतरा पैदा हो सकता है।

कोराना मरीजों पर यूनानी दवाएं भी कारगर, परीक्षणः सदियों से इस्तेमाल होती आ रही यूनानी दवाएं कोरोना वायरस के इलाज में भी कारगर साबित हो रही हैं। नयी दिल्ली के सफरदजंग अस्पताल में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों पर इन दवाओं का परीक्षण किया जा रहा है और डॉक्टरों के मुताबिक, अब तक के परिणामों में संक्रमण के लक्षण कम समय में खत्म करने में इन दवाओं के नतीजे ‘संतोषजनक’ रहे हैं। इस परीक्षण के दौरान कोरोना वायरस से संक्रमित हुए इस अस्पताल के कुछ डॉक्टरों व नर्सों ने भी यूनानी दवाइयां ली हैं। यह परीक्षण केंद्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान परिषद (सीसीआरयूएम), सफदरजंग अस्पताल के साथ मिलकर कर रही है।

6 राज्यों में मामले तेजी से बढ़ेः भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के उपचाराधीन मामले बढ़कर 1,64,511 हो गए हैं ,जो कि देश में संक्रमण के कुल मामलों का 1.48 प्रतिशत है। केद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को यह जानकारी दी साथ ही कहा कि पिछले 24 घंटे में छह राज्यों में संक्रमण के मामले तजी से बढ़े हैं। मंत्रालय के अनुसार संक्रमण के 86.37 प्रतिशत मामले महाराष्ट्र, केरल, पंजाब, कर्नाटक, तमिलनाडु और गुजरात से हैं। देश में बीते 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 16,752 नए मामले सामने आए हैं। महाराष्ट्र में सर्वाधिक 8,623 मामले, केरल में 3,792 और पंजाब में 593 नए मामले सामने आए हैं। मंत्रालय ने कहा कि आठ राज्यों में संक्रमण के रोजाना मामले बढ़ने का क्रम जारी है।