कम बोला करो जरा- संबित पात्रा से भिड़े शिवसेना प्रवक्ता, BJP नेता ने भी दिया जवाब- क्यों कम बोलूं, बाबर के चाचाजी हो क्या?

जी न्यूज की डिबेट शो में भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा और शिवसेना नेता किशोर तिवारी में जमकर बहस हुई। शिवसेना नेता ने चेतावनी देते हुए कहा, “कम बोला करो।”

sambit patra, amish devgan, taliban संबित पात्रा पैनलिस्ट की बात पर भड़क गए (File Photo)

महाराष्ट्र के उल्हासनगर में शिवसेना कार्यकर्ताओं के एक समूह द्वारा भाजपा पार्षद की कथित रूप से पिटाई करने का मामला सामने आया। इससे जुड़ा वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। शिवसेना कार्यकर्ताओं से जुड़े इस मामले को लेकर जी न्यूज के डिबेट शो ‘ताल ठोक के’ में भी चर्चा की गई, जहां शिवसेना प्रवक्ता किशोर तिवारी और भाजपा नेता संबित पात्रा में भी जमकर बहस हुई। डिबेट में किशोर तिवारी ने संबित पात्रा को कहा कि कम बोला करो। उनकी इस बात पर भाजपा प्रवक्ता ने भी जवाब देने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

डिबेट शो में शिवसेना नेता किशोर तिवारी ने कहा, “जो भी यह कहता है कि मेरा कौन क्या उखाड़ लेता है तो हम उखाड़ लेते हैं और यह हमने बता भी दिया है। संबित पात्रा कम बोला करो जरा। कम बोला करो, वरना उखाड़कर फेकेंगे।” किशोर तिवारी की बात का जवाब देने से संबित पात्रा भी पीछे नहीं हटे।

संबित पात्रा ने किशोर तिवारी की बातों पर बिफरते हुए कहा, “क्यों कम बोला करूं, बाबर हो क्या आप। बाबर के चाचा जी हैं, बोलते हैं कि कम बोला करो, वरना मैं आ जाउंगा।” संबित पात्रा की बातों पर चुटकी लेते हुए किशोर तिवारी ने कहा, “देखो यह चिढ़ गए।” वहीं संबित पात्रा ने भी तंज कसते हुए कहा, “आज से आपका नया नाम है बाबर के चाचा।”

संबित पात्रा ने अपने बयान में आगे कहा, “चिढ़कर नहीं, आज से आपका नया नामांकरण हुआ है, बाबर के चाचा। आज से ही आप बाबर के चाचा हो।” संबित पात्रा ने डिबेट शो से जुड़ा वीडियो अपने ट्विटर हैंडल से भी शेयर किया और लिखा, “बाबर के चाचा।” भाजपा प्रवक्ता की पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर ने भी खूब कमेंट किये।

महेश पाटिल नाम के यूजर ने संबित पात्रा से सवाल करते हुए लिखा, “सर पेट्रोल 40 रुपये प्रति लीटर, डीजल 35 रुपये प्रति लीटर कब मिलेगा? किसानों की आय कब दोगुनी होगी? कृप्या बताएं।” वहीं एक यूजर ने शिवसेना प्रवक्ता की बातों पर नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा, “यह डिबेट में खुलेआम किसी को धमकी कैसे दे सकते हैं? सरकार को इन जैसे लोगों के लिए कुछ नियम जरूर तय करने चाहिए।”