करनाल के DM किस कानून में लिखा कि नागरिक का सिर फोड़ दो- रुबिका लियाकत ने किया सवाल, लोग देने लगे जवाब

रुबिका लियाकत ने किसानों पर लाठीचार्ज का आदेश देने वाले एसडीएम से सवाल करते हुए ट्वीट किया है। जिसे लेकर वह सुर्खियों में आ गई हैं।

farmers lathi charge करनाल में किसानों पर लाठीचार्ज की तस्वीर। फोटो- @ammankaurdeep के ट्विटर हैंडल से

हरियाणा के करनाल में बीते दिन किसानों के एक समूह पर पुलिस ने कथित तौर पर लाठीचार्ज की थी। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के इस कार्यक्रम से पहले वहां के सब-डिवीजनल मजिस्ट्रेट ने ऑर्डर दिया था कि उनके पास कोई आए तो उसका सिर फूटा होना चाहिए। एसडीएम का इस बयान से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इस मामले को लेकर जहां विपक्षी नेताओं ने सरकार पर गुस्सा जाहिर किया तो वहीं हाल ही में मशहूर पत्रकार रुबिका लियाकत ने भी ट्वीट कर एसडीएम से सवाल किया है।

रुबिका लियाकत ने करनाल के एसडीएम से सवाल करते हुए लिखा, “करनाल के डीएम साहब देश के किस कानून में लिखा है कि किसी नागरिक का सिर फोड़ दिया जाए? दरअसल, आपका गुरूर सिर पर नाच रहा है।” अपने इस ट्वीट को लेकर रुबिका लियाकत सुर्खियों में आ गई हैं। साथ ही सोशल मीडिया यूजर भी इसपर खूब कमेंट कर रहे हैं।

जय सिंह नाम के यूजर ने रुबिका लियाकत के ट्वीट का जवाब देते हुए लिखा, “अबकी बार मोदी जी से पूछना क्या आपके राज में ऐसे आदेश जायज हैं।” कन्हैया नाम के यूजर ने मशहूर पत्रकार के ट्वीट का जवाब देते हुए लिखा, “लोगों की सहानुभूति बटोरने के लिए ट्वीट करने से कुछ नहीं होगा। जनता जाग चुकी है, असली चरित्र पहचान चुकी है। एक शो कीजिए इसी मुद्दे पर और ललकारिए प्रदेश के मुख्यमंत्री को।”

कन्हैया मीना ने रुबिका लियाकत के ट्वीट का जवाब देते हुए आगे लिखा, “नहीं कर सकते तो जनता को मूर्ख समझना बंद कर दीजिए।” डॉक्टर राजेंद्र डोरवाल नाम के यूजर ने लिखा, “टिकैत साहब से बड़े तेज लहजे में कानून पूछे जा रहे थे। अब बताओ कौन से सेक्शन में लिखा हुआ है किसानों का सिर फोड़ दो।” अरविंद नाम के यूजर ने लिखा, “किस कानून में लिखा है कि आम जनता को बंधक बनाकर नेशनल हाईवे बंद कर दिया जाए।”

बता दें कि संयुक्त किसान मोर्चा ने एसडीएम के निलंबन की मांग की है। हालांकि हरियाणा सरकार की ओर से मामले पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की गई है। वहीं इस घटना को लेकर भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने भी नाराजगी जाहिर की है।