करीब दो घंटे तक चली चन्नी और सिद्धू की बैठक, समाधान पर सस्पेंस बरकरार; मतभेद दूर होने को लेकर कोई ऐलान नहीं

कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा उठाए गए मुद्दों के समाधान को लेकर सस्पेंस पार्टी के पूर्व प्रदेश प्रमुख और राज्य के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बीच बृहस्पतिवार की शाम को दो घंटे तक चली बैठक के बाद भी जारी है।

Navjot Singh Sidhu, Charanjit Singh Channi, Punjab Congress Crisis नवजोत सिंह सिद्धू और चरणजीत सिंह चन्नी। Photo- File/Indian Express

कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा उठाए गए मुद्दों के समाधान को लेकर सस्पेंस पार्टी के पूर्व प्रदेश प्रमुख और राज्य के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बीच बृहस्पतिवार की शाम को दो घंटे तक चली बैठक के बाद भी जारी है। पंजाब भवन में बैठक को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है। गौरतलब है कि ‘दागदार’ अधिकारियों और मंत्रियों की नियुक्ति पर मतभेद को लेकर दो दिन पहले ही सिद्धू ने कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया है।

पंजाब भवन से चन्नी पहले, शाम करीब छह बजे जबकि सिद्धू उसके आधे घंटे बाद बाहर निकले। पार्टी के किसी भी नेता ने बैठक में क्या हुआ इसपर मीडिया से बात नहीं की। आज दिन में सिद्धू मुख्यमंत्री चन्नी से मिलने के लिए पटियाला से चंडीगढ़ आए। गौरतलब है कि चन्नी ने बुधवार (29 सितंबर) सिद्धू से बात करके समस्याओं को बातचीत के जरिए सुलझाने की पेशकश की थी।

चन्नी के साथ बैठक से ठीक पहले सिद्धू ने राज्य के नवनियुक्त पुलिस प्रमुख (पुलिस महानिदेशक, डीजीपी) पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने गुरु ग्रंथ साहिब के अपमान मामले में दो युवकों को गलत तरीके से फंसाया और बादल परिवार को क्लीन चिट दे दिया। सिद्धू ने कांग्रेस की पंजाब इकाई के प्रमुख पद से मंगलवार को इस्तीफा दिया था।

चंडीगढ़ पहुंचकर कैप्टन अमरिंदर ने बोला हमला: दिल्ली में पत्रकारों के सवालों को अनदेखा करते हुए चंडीगढ़ पहुंचे कैप्टन ने सिद्धू पर जोरदार हमला बोला। कैप्टन ने सिद्धू के पर कहा वह गंभीर व्यक्ति नहीं हैं और सबको साथ लेकर काम नहीं कर सकते। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की तारीफ करते हुए सिंह ने कहा, वह बेहद शिक्षित व्यक्ति हैं। मेरे साथ मंत्री के तौर पर उन्होंने अच्छा काम किया। यह जरूरी है कि सिद्धू उनको काम करने दें। सिद्धू हावी होना चाहते हैं।

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने गुरुवार को अपने नयी राजनीतिक पारी शुरू करने का साफ संकेत देते हुए कहा कि वह अब कांग्रेस में नहीं रहेंगे और पार्टी से इस्तीफा दे देंगे क्योंकि ऐसे दल में वह नहीं रह सकते जहां उन्हें अपमानित किया जाए और उन पर विश्वास न किया जाए।साथ ही, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह भाजपा में शामिल नहीं होंगे।