कहीं प्यार न हो जाए- आमिर खान संग समय बिताने से डर रही थीं रानी मुखर्जी, एक्टर ने सुनाया था किस्सा

रानी उस वक्त इंडस्ट्री में नई-नईं आई थीं। ऐसे में वह चुप-चुप रहा करती थीं। रानी उस वक्त 18-19 साल की थीं, वहीं उन्हें डर था कि कहीं फिल्म में आमिर के साथ रोमांटिक सीन देते-देते उन्हें सच में आमिर से प्यार न हो जाए।

Aamir Khan, Rani Mukerji, रानी मुखर्जी, Aamir Khan, Entertainment News, आमिर खान और रानी मुख्रर्जी (फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस आरकाइव)

रानी मुखर्जी और आमिर खान ने कई फिल्मों में साथ काम किया है। रानी ने बतौर एक्टर पहली बार आमिर के साथ फिल्म ‘गुलाम’ में काम किया था। इस फिल्म में रानी को आमिर के साथ बहुत पसंद किया गया था। रानी उस वक्त इंडस्ट्री में नई-नईं आई थीं। ऐसे में वह चुप-चुप रहा करती थीं। रानी उस वक्त 18-19 साल की थीं, वहीं उन्हें डर था कि कहीं फिल्म में आमिर के साथ रोमांटिक सीन देते-देते उन्हें सच में आमिर से प्यार न हो जाए।

रानी आमिर खान को बचपन से फिल्मों में देखती आई थीं। ऐसे में जब रानी को आमिर के साथ काम करने का मौका मिला तो इस वजह से वो थोड़ा घबराई हुई थीं। इस किस्से का जिक्र रानी मुखर्जी ने पत्रकार रजत शर्मा के शो आपकी अदालत में किया था। बाद में जब शो पर आमिर खान आए थे, तो यही बात रजत शर्मा ने आमिर खान से पूछ ली।

रजत शर्मा ने आमिर से पूछा-‘रानी मुखर्जी जब आपकी अदालत में आई थीं, तब रानी ने आपसे जुड़ी एक बात कही थी। जब रानी आपके साथ ‘गुलाम’ फिल्म में काम कर रही थीं, तब उन्होंने कहा था कि वो आपकी आंखों में सीधे-सीधे नहीं देखना चाहती थीं। क्योंकि उन्हें लगा कहीं इनसे प्यार न हो जाए!’

इस बात पर आमिर खान शरमाने लगे थे और फिर बोले थे- ‘अरे बाप रे! ये रानी जी ने कहा आपसे?’ इस पर रजत शर्मा ने कहा- ‘जी, आपसे नहीं कहा? आपसे कहना चाहिए था पहले?’ इस बात पर आमिर हंस पड़े और बोले- ‘काश वो उस वक्त कह देतीं मुझे।’

आमिर ने किस्सा बयां करते हुए बताया था- ‘हमारा गाना था, आंखों से तूने ये क्या कह दिया, तो वो गाने की शूटिंग हमारी पहली शूटिंग थी। गुलाम की शूटिंग उस गाने से शुरूहुई थी। हम दोनों पहली दफा साथ काम कर रहे थे। मुझे अब याद आ रहा है कि, मैंने नोटिस किया कि वो मेरे जूतों को देखती रहती थीं, हमेशा नीचे ही देखती रहती थीं। तो मैंने रानी को कहा कि रानी ये गाना है और इसके लिरिक्स हैं-आंखों से तूने ये क्या कह दिया, तो भाई तुम आंखों में देखो मेरी। नहीं तो हम शॉट कैसे देंगे? तो ये वाकया मुझे याद था पर अब समझ आया कि वो मेरे जूतों को ही क्यों देखती रहती थीं। लेकिन, चलिए मैं क्या कहूं?’